पिता के लिए पानी लेने गए युवक की करंट से मौत, बेटे को बचाने पहुंची मां ने भी छोड़ी दुनिया
महाराजगंज में पिता के लिए मोटर से पानी लेने गए युवक की करंट से मौत हो गई। चीख सुनकर बेटे को बचाने दौड़ी मां भी करंट की चपेट में आ गई। मां ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ दो लोगों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।

Maharajganj News: यूपी के महराजगंज के सिसवा कस्बे के चौधरी चरण सिंह मोहल्ले में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। दोपहर में खेत से काम कर घर लौटे पिता के लिए पानी लेने मोटर पर गया युवक करंट की चपेट में आ गया। युवक की चीख सुन उसे बचाने उसकी मां दौड़ी तो वह भी करंट की चपेट में आ गई। किसी तरह करंट से अलग कर परिजन दोनों को आनन-फानन में लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह मोहल्ले के निवासी किसान रामदेव चौधरी सुबह 6 बजे खेती के सिलसिले में अपने खेत में चले गए। जब वह घर वापस लौटे तो घर पर छोटा बेटा अखिलेश सिंह (18) व पत्नी रंभा देवी (65) मौजूद थे। रामदेव ने बेटे को आवाज लगाई और पानी पीने के लिए मांगा। इसके बाद अखिलेश भी घर के अंदर गया और रसोई घर में काम कर रही मां से गिलास मांग कर हैंडपंप से पानी लेने के लिए पहुंचा। हैंडपंप में लगे मोटर को उसने जैसे चालू किया, कि वह हैंडपंप में उतरे करंट की चपेट में आकर तड़पने लगा। करंट की चपेट में आते ही अखिलेश जोर से चिल्लाया।
घर का नजारा देख पिता के पैरों तले से खिसकी 'जमीन'
आवाज सुनकर उसकी मां रंभा रसोई घर से दौड़कर वहां पहुंची तो अखिलेश अचेत होकर गिरा हुआ था। उसे बचाने के लिए मां ने उसे उठाना चाहा तो वह भी करंट की चपेट में आकर उसी के ऊपर गिरकर अचेत हो गई। थोड़ी देर बाद जब पिता रामदेव ने अखिलेश को आवाज लगाकर बुलाना शुरू किया तो घर के अंदर से कोई भी जवाब नहीं आया। इसके बाद वह अंदर गए और वहां का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रामदेव दौड़ते हुए बाहर आकर अगल-बगल के लोगों को आवाज लगाकर बुलाया। लोगों की मदद से दोनों मां-बेटे को आनन-फानन में सिसवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को देखते ही मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पूरे वार्ड सहित परिवार में कोहराम मच गया।
सबसे छोटा था अखिलेश
रामदेव के चार बेटों अर्जुन, बल्लू, दीपक और अखिलेश में अखिलेश सबसे छोटा था। उनकी दो बेटियां बड़ी देवकी तथा छोटी जानकी हैं, जिनकी काफी दिनों पहले शादी हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार रामदेव पहले नागदा में रहकर प्राइवेट नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पिछले दस वर्षों पहले वह घर वापस लौटे और तब से दुबारा वापस नहीं गए। घर पर ही रहकर अपना खेती का काम कराने में लगे हुए थे। वहीं तीनों बेटे बाहर रहकर नौकरी करते हैं।
राजस्व टीम के साथ पहुंचे तहसीलदार
तहसीलदार अमित सिंह सहित राजस्व निरीक्षक राम बचन, हल्का लेखपाल अनूप गुप्ता, सिसवा लेखपाल अखिलेश कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। परिजनों को सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा देते हुए ढांढस बंधाया। इस संदर्भ में प्रभारी निरीक्षक कोठीभार धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना हृदयविदारक है। परिजनों को समझा-बुझाकर शवों को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया है। आगे की कार्रवाई के लिए राजस्व टीम लगी हुई है।




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