Three nephews sentenced to life imprisonment for slitting uncle throat with a razor in 5 year old murder case उस्तरे से चाचा का काट दिया था गला; 5 साल बाद हत्याकांड में तीन भतीजों को उम्रकैद, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

उस्तरे से चाचा का काट दिया था गला; 5 साल बाद हत्याकांड में तीन भतीजों को उम्रकैद

सगे चाचा की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन भतीजों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 4 अक्तूबर 2020 में आरोपियों ने मुकेश चंद को बाजरे के खेत में घेरकर गिरा लिया। मनीष ने उनके पैर और अमित ने हाथ पकड़ लिए, जबकि गिरीश ने उस्तरे से गला काट दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

Fri, 3 April 2026 10:56 AMsandeep हिन्दुस्तान, वरिष्ठ संवाददाता, आगरा
share
उस्तरे से चाचा का काट दिया था गला; 5 साल बाद हत्याकांड में तीन भतीजों को उम्रकैद

आगरा में सगे चाचा की उस्तरे से गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में अदालत ने तीनों भतीजों को दोषी पाया है। अपर जिला जज संजय के. लाल ने आरोपी भाइयों गिरीश, मनीष और अमित निवासी ग्राम सौंरा, थाना सैंया को आजीवन कारावास और तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रदीप कुमार शर्मा ने वादी, मृतक के पुत्र, डॉक्टर, विवेचक और चश्मदीद गवाह सहित आठ अहम साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए।

पैसों के लिए करते थे मारपीट

सौंरा निवासी विनीत कुमार का आरोप था कि उसके ताऊ घूरे लाल के पुत्र गिरीश, मनीष और अमित आए दिन मारपीट कर पैसे मांगते थे। अपने बुजुर्ग भाई घूरे लाल की दयनीय स्थिति देखकर वादी के पिता मुकेश चंद इसका विरोध करते थे। घटना से कुछ दिन पहले आरोपियों ने अपने पिता के साथ मारपीट की थी। इस पर मुकेश चंद ने उन्हें डांटा तो उन्होंने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:44 साल बाद हत्या के आरोप से बरी हुआ आरोपी, हाईकोर्ट ने रद्द की उम्रकैद की सजा
ये भी पढ़ें:UP: ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में उम्रकैद काट रहे पूर्व MLA के समर्थक की मौत

भतीजों ने चाचा की गला काटकर की थी हत्या

चार अक्तूबर 2020 को आरोपियों ने मुकेश चंद को बाजरे के खेत में घेरकर गिरा लिया। मनीष ने उनके पैर और अमित ने हाथ पकड़ लिए, जबकि गिरीश ने उस्तरे से गला काट दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शोर सुनकर पत्नी इमरती और पुत्र नीरज पहुंचे तो आरोपित भाग गए। थाना सैंया में मुकदमा दर्ज हुआ। 12 अक्तूबर 2020 को पुलिस ने गिरीश और मनीष को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचक ने साक्ष्य जुटाकर 25 दिसंबर 2020 को आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। जांच के दौरान आरोपियों की तलाश की गई, लेकिन वे फरार हो गए। उनके घर-परिवार में भी पुलिस ने छानबीन की।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मासूम से दरिंदगी के मामले में महज 17 दिन में आया फैसला, आरोपी को उम्रकैद

तीनों भतीजों को उम्रकैद और 3 लाख का जुर्माना

सभी गवाहों के बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने तीनों भाइयों को हत्या का दोषी पाया। उन्हें आजीवन कारावास और 3 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया गया। गांव वाले इस घटना और फैसले से स्तब्ध हैं। अदालत ने कहा कि मामूली विवाद में किसी की जान लेना बहुत गंभीर अपराध है और इसके लिए कठोर सजा जरूरी थी।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।