आपके वोटर ने 5 बड़ी वारदातें कर दी, फिर भी चुप; लोडरों की धमकी से नहीं डरता; राजभर ने अखिलेश को फिर घेरा
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर गैर-यादव पिछड़ों और बहुजनों से जुड़े मामलों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। राजभर ने खुद को जमीनी नेता बताते हुए सपा नेतृत्व पर भी निशाना साधा।

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि वह किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं हैं और गरीबों, बहुजनों तथा गैर-यादव पिछड़े समाज के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहेंगे। राजभर ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में गैर-यादव ओबीसी, बहुजन और आम नागरिकों के खिलाफ कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, लेकिन इन मामलों पर अखिलेश यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यही समाजवादी पार्टी का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) मॉडल है।
अपने बयान में राजभर ने सपा विधायक महाराजी प्रजापति से मारपीट, चंदौली में महिला सपा जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल के साथ हुई घटना, रामजन्म राजभर की हत्या, धनराज मौर्य और सूर्या चौहान से जुड़े मामलों तथा लखनऊ में संदीप सिंह की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं पर सपा नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि इन मामलों के आरोपियों के बारे में सपा नेतृत्व को पूरी जानकारी है, लेकिन फिर भी पार्टी की ओर से न तो पीड़ितों को सांत्वना दी गई और न ही घटनाओं की खुलकर निंदा की गई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के कारण समाजवादी पार्टी बहुजन और गैर-यादव पिछड़े वर्ग के लोगों का विश्वास खो चुकी है।
राजभर ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने टेम्पो चलाकर राजनीति की है और समाज के वंचित वर्गों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर टेम्पो चलाकर भी संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने खुद को जमीनी नेता बताते हुए अखिलेश यादव को "एसी और पीसी वाले नेता" करार दिया। अपने बयान के अंत में राजभर ने दोहराया कि वह किसी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं और अन्याय तथा अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।




साइन इन