योगी सरकार का यूपी से इस धंधे के सफाये का प्लान, हर जिले चलेगा अभियान
यूपी में नशे के गैर कानूनी कारोबार के खिलाफ सरकार ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में इस संबंध में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

UP News: योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश से नशे के अवैध धंधे के खात्मे का प्लान तैयार कर लिया है। इसके साथ ही लोगों को नशे की आदत से मुक्ति दिलाने के लिए भी जिले-जिले अभियान चलाने की योजना है। सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, सेवन और विक्रय पर अंकुश लगाने तथा नशा मुक्ति जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशा उन्मूलन के इस अभियान में पूर्ण समन्वय और गंभीरता के साथ काम करें। सभी जिलों में हर महीने कम से कम दो एनकॉर्ड (नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन) बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित होनी चाहिए। जिन जिलों में इस वर्ष बैठकें निर्धारित संख्या से कम हुई हैं, उन्हें इस संबंध में सख्त निर्देश दिए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध मादक पदार्थों के सेवन एवं उनके क्रय-विक्रय में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज विशेषकर युवा पीढ़ी इस खतरे से सुरक्षित रहे।
जिला स्तरीय एनकॉर्ड बैठकों में नशे के अवैध कारोबार के खात्मे के लिए पीआईटी एनडीपीएस के तहत चिन्हित अभियुक्तों की गिरफ्तारी की प्रगति, सफेमा (धारा 68 ई एवं एफ) के अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के तहत चिन्हित अभियुक्तों की संपत्ति जब्ती की स्थिति, वैध अफीम खेती वाले जनपदों में पुलिस, राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा लाइसेंस प्राप्त अफीम कृषकों की फसल का भौतिक सत्यापन, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के कार्यों की समीक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति, आबकारी विभाग द्वारा भांग की दुकानों पर गांजा की बिक्री पर सतत निगरानी तथा पुलिस के अतिरिक्त शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की गहनता से समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न एनजीओ द्वारा संचालित डी-एडिक्शन केन्द्रों की नियमित समीक्षा और जांच की जाएगी।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि प्रदेश में भांग की लाइसेंसी दुकानों के संबंध में समीक्षा कर ली जाए और इन दुकानों की संख्या को वहां की क्षेत्रीय आवश्यकता का आकलन कर सीमित किया जाए। कोडीन युक्त कफ सिरप की आपूर्ति और बिक्री की निगरानी हेतु ऑफलाइन व्यवस्था के स्थान पर ऑनलाइन व्यवस्था तैयार की जाए तथा स्टॉक रखने के स्थान का भौतिक सत्यापन अवश्य कराया जाए। फर्जी फर्मों, अवैध भंडारण या बिक्री में लिप्त पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
स्कूलों-कॉलेजों-हॉस्टलों के पास विशेष निगरानी
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास चिह्नित हॉटस्पॉट्स पर प्राथमिकता के आधार पर सख्त एवं नियमसंगत कार्रवाई की जाए। जहां भविष्य में हॉटस्पॉट बनने की संभावना हो, वहां विशेष निगरानी रखी जाए तथा नियमित नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
लगातार चल रही कार्रवाई
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, एएनटीएफ अब्दुल हमीद ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में एनकॉर्ड की 846 व 2026 में माह फरवरी तक 144 जिला स्तरीय गोष्ठियां आयोजित का गई हैं। उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों का निस्तारण और डिस्पोजल की कार्रवाई नियमित रूप से कराई जा रही है, एएनटीएफ के गठन के पश्चात 2022 से 2026 फरवरी तक कुल 2,71,802 किग्रा. माल का निस्तारण कराया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 925 करोड़ रुपए है। अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध वर्ष 2026 में फरवरी तक कुल 840 अभियोग पंजीकृत किये गये तथा 1,176 व्यक्तियों की गिरफ्तारी तथा 6229.78 किग्रा0 अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी की गई। इसी प्रकार एएनटीएफ द्वारा वर्ष 2026 में अब तक 56 अभियोग पंजीकृत किये गये तथा 107 अभियुक्तों की गिरफ्तारी व 53 करोड़ 98 लाख 20 हजार रुपये की 2827.50 किग्रा अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी की गई।
20 हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित करने का आदेश
उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों के मादक पदार्थों की जब्ती के आधार पर 10 हॉट- स्पॉट चयनित किया गया है और 20 हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित करने के लिए सम्बन्धित पुलिस आयुक्त/जनपदीय पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है। यूपी दिवस 2026 के अवसर पर दिनांक 24 से 26 जनवरी, 2026 के मध्य राष्ट्र प्रेरणा स्थल, लखनऊ में एएनटीएफ द्वारा लीफलेट, पैम्फलेट, ब्राउजर, सैल्फी पॉइंट, टीवी स्क्रीन व बैच के माध्यम से नशे के विरूद्ध जागरूकता व प्रचार-प्रसार किया गया तथा नशे के विरूद्ध लगभग 600 व्यक्तियों को ई-शपथ दिलाकर प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
इसके साथ ही भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बुरी में उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी में एएनटीएफ द्वारा लीफलेट, सेल्फी प्वाइंट, पैम्फलेट, टीवी स्क्रीन आदि के माध्यम से नशे के विरूद्ध जागरूकता व प्रचार-प्रसार कर नशे के विरूद्ध लगभग 1500 व्यक्तियों को ई-शपथ दिलाकर प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। एएनटीएफ द्वारा 07 फरवरी, 2026 को मादक पदार्थों के सेवन व उसके दुरूपयोग के बारे में आम जनमानस को जागरूक करने के लिए पैदल रैली का आयोजन कराया गया। इसके अलावा, सिनेमाघरो, ट्रैफिक कंट्रोल रूम व रेडियों चैनलों द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रचार-प्रसार कराया गया। मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध साईकिल रैली, नुक्कड़ नाटक, योगा व स्कूल के बच्चों के साथ पैदल रैली का आयोजन किया गया।
खास मौजूदगी
बैठक में अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एल वेंक्टेश्वर लू, प्रमुख सचिव राज्यकर श्रीमती कामिनी चौहान रतन, आबकारी आयुक्त डॉ.आदर्श सिंह, सचिव गृह मोहित गुप्ता समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।




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