यूपी में जमीन-मकान रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल करने जा रही योगी सरकार, क्या है तैयारी
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जमीन-मकान की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल करने जा रही है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में फ्रंट ऑफिस खोले जाने की तैयारी है। इसमें चार-चार विशेषज्ञों को रखा जाएगा।

P News: यूपी में योगी सरकार जमीन-मकान की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया को सरल करने जा रही है। इसके लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों में फ्रंट ऑफिस खोले जाने की तैयारी है। इसमें चार-चार विशेषज्ञों को रखा जाएगा। इनका काम लोगों की संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने में मदद करना होगा। इसको लेकर जल्द ही कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर कराने की तैयारी है।
पासपोर्ट कार्यालय में जिस तरह फ्रंट ऑफिस की सुविधा दी जा रही हैं, उसी प्रकार से रजिस्ट्री कार्यालयों में भी लोगों को बेहतर सुविधाएं देने की योजना तैयार की गई है। रजिस्ट्री कार्यालयों में एक-एक फ्रंट ऑफिस कार्यालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक फ्रंट आफिस में चार-चार विशेषज्ञ होंगे। इनका काम रजिस्ट्री कराने के लिए आने वालों की मदद करना होगा। रजिस्ट्री कराने से लेकर स्टांप की व्यवस्था कराने और यहां तक की उसके लिए जरूरी जानकारी देने का काम करेंगे। स्टांप विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इससे संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए आने वालों की समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।
प्रमुख शहरों में पहले सुविधा
फ्रंट ऑफिस की सुविधा पहले चरण में प्रमुख शहरों में दी जाएगी। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, आगरा, बरेली, झांसी, गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों में इसकी शुरुआत की जाएगी। इसकी सफलता के बाद धीरे-धीरे अन्य शहरों में इसे शुरू किया जाएगा। फ्रंट ऑफिस में पहले चरण में चार-चार कर्मियों को रखा जाएगा और सफल होने के बाद संख्या में बढ़ोत्तरी की जाएगी। इसके लिए जरूरत के आधार पर कुछ कंपनियों से करार भी किया जाएगा, जिससे विशेषज्ञ के तौर पर अच्छे लोगमिल सकें।
ग्राम पंचायतों में कैंप लगाकर फॉर्मर रजिस्ट्री तैयार कर रही सरकार
उधर, उत्तर प्रदेश के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी व सुगम तरीके से दिलाने के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है। किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। 15 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान में ग्राम सचिवालयों में कैंप लगाकर पंजीकरण कराया जाएगा। किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए यह पहल की जा रही है। जिससे पीएम किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं का उन्हें सीधा लाभ मिल सकेगा। कैंप में किसानों का पंजीकरण कराए जाने के साथ-साथ त्रुटियों का भी तत्काल निराकरण कराया जाएगा। इस कार्य में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत के कम से कम एक कैंप में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।




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