लखनऊ से बहराइच, गोंडा जाने वाले जान लें, घाघरा नदी पर पीपा पुल तैयार, इस डेट से दौड़ेंगी गाड़ियां
लखनऊ से बहराइच, गोंडा जाने वाले जान लें। इस रूट पर घाघरा नदी पर पीपा पुल बनकर तैयार हो गया है। उम्मीद है कि 15 अप्रैल से पीपा पुल पर छोटी गाड़ियां दौड़ने लगेंगी।

UP News: लखनऊ से बहराइच, गोंडा, बलरामपुर जाने वाले जान लें, घाघरा नदी पर पीपा पुल बनकर तैयार हो गया है। 15 अप्रैल से पीपा पुल पर छोटे वाहनों का आवागन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। तय तारीख को ध्यान में रखकर कार्य तेज गति से हो रहा है। पुल पर एक तरफ करीब 14 पीपे पर रेलिंग लगाने का काम चल रहा है। दोनों तरफ के एप्रोच मार्ग तैयार किए जा रहे हैं।
कार्यदायी संस्था के इंजीनियर सद्दाम ने बताया कि निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और 15 अप्रैल तक पीपा पुल पर आवागमन चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार जैसे ही पीपे का पुल चालू होगा, उसके बाद पुराने संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद कर दिया जाएगा। लंबे समय से मरम्मत की जरूरत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि सेतु की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
डबल लेन पीपे का पुल शुरू होने से गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती जिलों के छोटे वाहनों को लखनऊ मुख्यालय आने में राहत मिलेगी लेकिन बड़े वाहन सीतापुर व अयोध्या होकर ही जाएंगे। दो महीने संजय सेतु पर मरम्मत कार्य चलने की उम्मीद है। तब तक रामनगर क्षेत्र और बहराइच-गोंडा सीमा के बीच छोटे वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और वाहनों का दबाव भी नियंत्रित रहेगा।
सद्दाम ने बताया कि पीपा पुल के बचे कार्य जैसे एप्रोच मार्ग का निर्माण, रेलिंग आदि कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तय समय समय सीमा में इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुल चालू होने के बाद यातायात व्यवस्था ठीक रहेगी।
संजय सेतु में अब तक 20 बेयरिंग लगाई गई
सरयू नदी पर बने संजय सेतु की मरम्मत का कार्य भी चल रहा है। हालांकि नदी के पेटे में जहां तक पानी नहीं है वहां पर संजय सेतु के नीचे कोठियों में बेयरिंग बदलने का कार्य चल रहा है। कोठियों में 64 में से 20 बेयरिंग बदली जा सकी है। विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की माने तो संजय सेतु को मरम्मत के लिए जब बंद किया जाएगा, उसके बाद कार्य में और तेजी आने की उम्मीद है।
बताते हैं कि सेतु की 14 कोठियां पानी से घिरी हैं, जिनकी मरम्मत मशीनों की मदद से की जाएगी। जिन कोठियों में कहीं-कहीं हल्की दरार जैसी रेखाएं दिखाई दे रही हैं, उन्हें विशेष केमिकल और लोहे से भरकर मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई खतरा न रहे। अवर अभियंता का कहना है कि जैसे ही पीपे का पुल चालू होगा और संजय सेतु पर यातायात बंद होगा, उसके बाद ऊपर के ज्वाइंट सहित अन्य जरूरी मरम्मत कार्य तेजी से कराए जाएंगे। इससे पुल की मजबूती और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकेगी।




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