योगी कैबिनेट की किसानों को सौगात; गेहूं का MSP बढ़ा, उतराई-सफाई का भी मिलेगा पैसा, 37 प्रस्तावों पर मुहर
योगी कैबिनेट ने गेहूं खरीद की नई नीति को मंजूरी दे दी है। इस साल गेहूं 2585 रुपये प्रति कुंतल की दर से खरीदा जाएगा, साथ ही उतराई-सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त मिलेंगे। प्रदेश में 6500 केंद्रों पर 30 मार्च से खरीद शुरू होगी। कुल 37 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

Yogi Cabinet: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 37 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है, जबकि 2 प्रस्तावों (प्रस्ताव संख्या 20 और 21) को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु प्रदेश के किसान रहे। सरकार ने आगामी रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं खरीद की नीति स्पष्ट कर दी है, जिससे अन्नदाताओं की आय में सीधा इजाफा होगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कैबिनेट बैठक के बाद किसानों से जुड़े फैसले के बारे में जानकारी दी।
गेहूं का नया MSP और अतिरिक्त बोनस
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। यह पिछले साल की तुलना में 160 रुपए प्रति क्विंटल ज्यादा है। बड़ी राहत की बात यह है कि किसानों को अब केवल एमएसपी ही नहीं मिलेगा, बल्कि गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए सरकार की ओर से 20 रुपये प्रति कुंतल का अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। इसका मतलब है कि किसानों के खातों में प्रति कुंतल अधिक राशि भेजी जाएगी।
खरीद का लक्ष्य और समय सीमा
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सीजन में 30 लाख टन गेहूं खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य रखा है, हालांकि अधिकारियों का अनुमान है कि यह आंकड़ा 50 लाख टन तक पहुंच सकता है। गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान
कैबिनेट बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। 37 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगने से न केवल कृषि क्षेत्र, बल्कि प्रदेश के बुनियादी ढांचे और निवेश की योजनाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
80 पैसे प्रति यूनिट सस्ती हो सकती है बिजली
कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग के एक बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। कानपुर के घाटमपुर में 660 मेगावॉट की तीन इकाइयों वाला पावर प्लांट केंद्र और यूपी सरकार का साझा उपक्रम है। इसकी दो इकाइयां शुरू हो चुकी हैं और तीसरी जल्द शुरू होनी है।
कोल माइन विकास: झारखंड में केंद्र सरकार द्वारा आवंटित कोल ब्लॉक के विकास के लिए कैबिनेट ने 2242.90 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है।
फायदा: इस माइन से 270 मिलियन टन कोयला निकलने का अनुमान है। अभी कोयला दूर से लाना पड़ता है, लेकिन अपनी माइन शुरू होने से बिजली उत्पादन की लागत कम होगी, जिससे बिजली 80 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती होने की उम्मीद है।
गोरखपुर बनेगा 'सोलर सिटी': चिलुआताल में लगेगा फ्लोटिंग प्लांट
मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने 80 एकड़ जमीन उपलब्ध करवा दी है। यह प्रोजेक्ट न केवल बिजली की कमी को दूर करेगा, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में प्रदेश की रैंकिंग भी सुधारेगा।
अब नगर पालिकाएं भी बनेंगी 'स्मार्ट'
प्रदेश के 17 नगर निगमों में पहले से ही स्मार्ट सिटी योजना चल रही है, लेकिन अब सरकार ने नगर पालिकाओं को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का फैसला किया है। नवयुग नगर पालिका योजना के तहत 58 जिला मुख्यालय वाले शहरों को कवर किया जाएगा, जिनमें 55 नगर पालिका परिषद और 3 नगर पंचायतें शामिल हैं। इस योजना के लिए 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अगले 5 वर्षों के लिए प्रभावी होगी।
1.50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 24 निकायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन निकायों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, डिजिटल मॉनिटरिंग, बेहतर जल निकासी (ड्रेनेज), प्राचीन धरोहरों का संरक्षण और 'वन डे गवर्नेंस सेंटर' (एक दिन में नागरिक सेवाएं देने वाले केंद्र) विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही वन डे गवर्नेंस सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। थीम पार्क बनेंगे, डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होगी।
निजी बिजनेस पार्क और लॉजिस्टिक हब को मंजूरी: निवेश के खुलेंगे द्वार
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस वार्ता में बताया कि सेवा क्षेत्र (Service Sector) में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 'निजी बिजनेस पार्क विकास योजना' को मंजूरी दी है। इस नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र द्वारा बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेशकों की लागत में कमी आएगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इसके साथ ही, सम्भल में एक 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर' की स्थापना को भी हरी झंडी दी गई है। औद्योगिक गलियारे को मजबूती देने के लिए ग्रेटर नोएडा के बुढ़ाकी में, जहाँ पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक गलियारे मिलते हैं, वहां 174.12 एकड़ जमीन पर 'मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क' विकसित किया जाएगा। इसके लिए जमीन नीलामी और टेंडर डॉक्यूमेंट को भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है। इस पहल से ग्रेटर नोएडा आने वाले समय में देश के एक बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरेगा।
छोटे उद्योगों के लिए भी पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक शेड बनाए जाएंगे। डेवलपर को जमीन दी जाएगी, वह शेड तैयार करेगा और उसे किराए पर दिया जाएगा।




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