फूट-फूटकर रोने वाले संजय निषाद कैबिनेट बैठक से दूर प्रयागराज में धरने पर बैठे, अब क्या मांग?
यूपी के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद एक दिन पहले ही फूट-फूटकर रोए और अपनी ही सरकार होने के बावजूद अपने समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाया। अब सोमवार की सुबह कैबिनेट की श्रृंग्वेरपुर धाम में अवैध कब्जे और निर्माण के विरोध में प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर धरने पर बैठ गए हैं।

Up News: निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद रविवार को गोरखपुर के अधिवेशन में फूट-फूटकर रोने के बाद, सोमवार को लखनऊ में होने वाली कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बजाय प्रयागराज के श्रृंग्वेरपुर धाम पहुंच गए। यहां वे जीटी रोड (प्रयागराज-लखनऊ मार्ग) पर धरने पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि भगवान श्रीराम और निषादराज की मिलन स्थली श्रृंग्वेरपुर धाम में अवैध कब्जे और मस्जिद का निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। जिस समय संजय निषाद धरना दे रहे थे, ठीक उसी समय लखनऊ में सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक चल रही थी। बैठक में भाजपा के मंत्रियों के साथ ही सहयोगी दलों सुभासपा के ओपी राजभर, अपना दल के आशीष पटेल और रालोद के अनिल कुमार भी मौजूद रहे लेकिन संजय निषाद प्रयागराज में थे।
मस्जिद निर्माण और मजार को लेकर आक्रोश
धरने पर बैठे डॉ. संजय निषाद का मुख्य विरोध श्रृंग्वेरपुर धाम के सामने हो रहे कथित मस्जिद निर्माण और मजार के विस्तार को लेकर है। उनका कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से यहां नियमित रूप से पूजा-पाठ कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कड़ी धूप में ही संजय निषाद धरने पर रहे और अपने लोगों को संबोधित करते रहे। इस दौरान जाम से वाहनों की कतार लग गई। करीब ढाई घंटे बाद एडीशनल सीपी पुष्कर वर्मा के आवाश्वासन पर मंत्री की सभी मांगों को डीएम के समक्ष रखने पर धरना प्रदर्शन खत्म किया।
300 मीटर के दायरे में कब्जे का आरोप
डॉ. संजय निषाद ने जिलाधिकारी प्रयागराज को इस बारे में पत्र के माध्यम से कहा कि श्रृंग्वेरपुर धाम एक अत्यंत प्राचीन और पौराणिक स्थल है। पुरातत्व मंत्रालय के अनुसार, उत्खनन स्थल की 300 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है। मंत्री का आरोप है कि इस प्रतिबंधित क्षेत्र में कुछ अराजक तत्वों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक गरिमा और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग की है।
निषादराज जयंती पर 'अप्रिय घटना' की आशंका
कैबिनेट मंत्री ने प्रशासन को सचेत किया है कि 23 मार्च 2026 को महाराजा गुह्यराज निषाद जी की जयंती (चैत्र शुक्ल पंचमी) का पावन पर्व है। इस अवसर पर देश-प्रदेश से हजारों श्रद्धालुओं के श्रृंग्वेरपुर धाम आगमन की संभावना है। डॉ. निषाद ने पत्र में साफ कहा है कि यदि समय रहते अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो वहां श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच सकती है और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना बन सकती है।




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