योगी कैबिनेट में पूजा पाल की नहीं हो पाई एंट्री, मंत्री पद न पाने वाले सपा के बागियों पर अखिलेश का तंज
योगी कैबिनेट के विस्तार में आज 6 नए चेहरों में जगह मिली। जिसमें पहले चायल विधायक पूजा पाल का भी नाम चल रहा था। लेकिन राज्यपाल को सौंपी गई लिस्ट में उनका नाम हटा दिया गया। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश ने योगी मंत्रिमंडल विस्तार और बागी विधायकों पर तंज कसा है।

योगी 2.0 के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में कौशाम्बी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल का नाम लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन आखिरी वक्त में उनका नाम काट दिया गया। उनकी जगह सुरेंद्र दिलेर का नाम राज्यपाल को सौंपी गई लिस्ट में दिया गया। जिन नए 6 मंत्रियों ने शपथ ली है। उसमें भूपेन्द्र चौधरी, मनोज पांडेय, सुरेन्द्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा, कृष्णा पासवान और कैलाश राजपूत शामिल हैं। इनके अलावा दो मंत्रियों सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल का प्रमोशन हुआ है। ऐसा में पूजा पाल के लिए ये किसी बड़े झटके से कम नहीं माना जा रहा है।
योगी कैबिनेट में नहीं हो पाई पूजा पाल की एंट्री
लगातार दो बार विधायक रहीं पूजा पाल को 2017 में भाजपा लहर के बीच हार का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। 2022 विधानसभा चुनाव में वह चायल सीट से विधायक निर्वाचित हुईं। हालांकि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के समर्थन में खड़े होने के बाद सपा नेतृत्व उनसे नाराज हो गया और 14 अप्रैल 2025 को पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद वह लगातार भगवा खेमे के करीब होती चली गईं।
सपा के बागी विधायकों पर अखिलेश ने कसा तंज
वहीं दूसरी तरफ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी कैबिनेट विस्तार और बागी विधायकों पर तंज कसा उन्होने कहा कि यूपी मंत्रिमंडल में केवल 6 रिक्तियां हैं, जबकि दूसरे दलों से भाजपा में आने वाले नेताओं की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। ऐसे में सवाल है कि क्या उन सभी को मंत्री पद देकर संतुष्ट किया जाएगा। अखिलेश ने पूछा कि क्या सबसे कमजोर नेताओं को मंत्री बनाकर उनकी राजनीतिक कमजोरी दूर करने की कोशिश होगी? अगर एक ही समाज के कई विधायकों में से किसी एक को मौका मिलेगा तो चयन का आधार क्या होगा? उन्होंने कहा कि बाकी छूटे हुए नेता खुद को ठगा महसूस करेंगे और अपने क्षेत्र में जनता का सामना करने की स्थिति में भी नहीं बचेंगे।
योगी कैबिनेट विस्तार पर क्या बोले अखिलेश
भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होने कहा कि क्या उपेक्षित नेताओं को यह अहसास कराया जाएगा कि भाजपा किसी की सगी नहीं होती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो नेता लंबे समय से भाजपा में मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उनका क्या होगा। अखिलेश ने मौजूदा मंत्रियों के विभाग कम किए जाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इससे जनता के बीच यह संदेश जाएगा कि संबंधित मंत्री नाकाम रहे, इसलिए उनसे मंत्रालय छीना गया। ऐसे मंत्री चुनाव में बिना लड़े ही कमजोर पड़ सकते हैं। सहयोगी दलों को लेकर भी उन्होंने कटाक्ष किया और कहा कि उन्हें प्रतीक्षा के अलावा शायद कुछ नहीं मिलेगा। ऐसे में सवाल ये क्या अखिलेश बागी विधायकों को भड़का रहे हैं।




साइन इन