Yogi Cabinet Expansion: भाजपा बूथ कार्यकर्ता से मंत्री तक, कौन हैं हंसराज विश्वकर्मा?
योगी कैबिनेट के विस्तार में वाराणसी के जिलाध्यक्ष और एमएलसी हसंराज विश्वकर्मा को भी जगह मिली है। उन्होने आज मंत्री पद की शपथ ली। हंसराज 2016 से अब तक लगातार दो बार जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी की पांच सीटों पर अहम भूमिका निभाई थी।

Yogi Cabinet Expansion: योगी कैबिनेट विस्तार में 6 नए चेहरों को जगह मिली है। जिसमें वाराणसी के दो बार से भाजपा जिलाध्यक्ष और एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा भी शामिल है। आज उन्होने राज्य मंत्री के पद की शपथ ली। हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 वर्षों से पिछड़ों की राजनीति कर रहे हैं। पार्टी ने इसी समीकरण की वजह से 2023 में विधान परिषद के लिए मनोनीत किया। अब योगी मंत्रिमंडल में नाम आने की सूचना पर लखनऊ पहुंचे। थे। हंसराज ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे सभी कार्यकर्ताओं का आशीर्वाद बताया।
बूथ कार्यकर्ता से जिलाध्यक्ष तक
कंचनपुर निवासी 57 वर्षीय हंसराज विश्वकर्मा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के मार्गदर्शन में 1989 में भाजपा में बूथ कार्य से शुरूआत की। राम मंदिर आंदोलन में बढ़ चढ़कर भूमिका निभाई। हंसराज को 1990 में काशी विद्यापीठ ब्लॉक का युवक मंगल दल के अध्यक्ष का दायित्व मिला। 1993 में काशी विद्यापीठ मंडल के युवा मोर्चा में अध्यक्ष का दायित्व मिला। 1996 में मंडल मंत्री बने। 2000 में जिला कार्यसमिति सदस्य और 2002 में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पार्टी राक्रांपा (राष्ट्रीय क्रांति पार्टी) से विधानसभा चुनाव लड़ा। 2004 में समाज कल्याण प्रकोष्ठ में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बने। 2008 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव पत्नी को लड़ाया। 2010 में किसान मोर्चा का जिलाध्यक्ष बने। 2013 में भाजपा जिला मंत्री और 2015 में जिला सदस्यता प्रभारी का दायित्व मिला।
कार्यकर्ताओं को जोड़े रखने में हंसराज का अहम योगदान
हंसराज 2016 से अब तक लगातार दो बार जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी की पांच सीटों पर अहम भूमिका निभाई। 2019 में लोकसभाओं में बेहतर कार्य किया। 2021 में जिला पंचायत अध्यक्ष व आठ ब्लॉकों में ब्लॉक प्रमुखों को जिताया। इसके बाद 2022 विधानसभा औऱ 2024 लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को बड़ी सफलता मिली थी। हंसराज में कार्यकर्ताओं को जोड़ने रखने की अपनी अलग पहचान है।
अंत तक कल्याण सिंह का हाथ थामे रहे हंसराज
हंसराज ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के साथ काम किया। राम मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जब कल्याण सिंह ने भाजपा से बगावत की तो हंसराज ने करीबी होने का फर्ज भी निभाया। वह कल्याण के साथ गए और उनकी पार्टी के टिकट पर कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इस बीच कल्याण भाजपा में आ गए तो हंसराज ने अपनी पुरानी पार्टी का झंडा थाम लिया और संगठन में सक्रियता से काम करने लगे।
राजनीतिक करियर
1989: बूथ स्तर पर राजनीति की शुरुआत
राम मंदिर आंदोलन: सक्रिय भागीदारी
1990: काशी विद्यापीठ ब्लॉक युवक मंगल दल अध्यक्ष
1993: युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष
1996: मंडल मंत्री
2000: जिला कार्यसमिति सदस्य
2002: कल्याण सिंह की पार्टी (राक्रांपा) से विधानसभा चुनाव लड़ा
2004: समाज कल्याण प्रकोष्ठ में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य
2010: किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष
2013: भाजपा जिला मंत्री
2015: जिला सदस्यता प्रभारी
2016-2026: लगातार दो बार जिलाध्यक्ष
2023: भाजपा ने विधान परिषद सदस्य मनोनीत




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