यूपी में मिलेगी प्लग एंड प्ले की वर्ल्ड क्लास सुविधा, निजी बिजनेस पार्क को योगी कैबिनेट की मंजूरी
उत्तर प्रदेश योगी कैबिनेट ने सोमवार को 'निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025' को मंजूरी दे दी। इसके तहत निजी क्षेत्र द्वारा DBFOT मॉडल पर 45 साल के अनुबंध पर वर्ल्ड क्लास बिजनेस पार्क बनाए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य के साथ योगी कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025' के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इस योजना के जरिए सरकार का फोकस वैश्विक निगमों, अनुसंधान केंद्रों और बड़ी आईटी कंपनियों को रेडी-टू-ऑपरेट (संचालन के लिए तैयार) बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है।
प्लग-एंड-प्ले मॉडल से कम होगी लागत और समय
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, इस योजना के तहत निजी निवेशकों द्वारा ऐसे बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे जहाँ 'प्लग-एंड-प्ले' (Plug-and-Play) की सुविधा होगी। इसका अर्थ है कि कंपनियों को दफ्तर शुरू करने के लिए निर्माण का इंतजार नहीं करना होगा, उन्हें बना-बनाया ढांचा मिलेगा। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी और निर्माण लागत में बड़ी कमी आएगी। यह योजना उत्तर प्रदेश की व्यापक औद्योगिक निवेश नीतियों के पूरक के रूप में काम करेगी।
DBFOT मॉडल पर होगा विकास
योजना के दस्तावेजों के अनुसार, इन बिजनेस पार्कों का विकास डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन एवं हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल के आधार पर किया जाएगा। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी और दक्षता को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रत्येक बिजनेस पार्क को शुरुआत में 45 वर्षों के रियायत अनुबंध (Concession Agreement) पर विकसित किया जाएगा, जिसे बाद में अगले 45 वर्षों के लिए और बढ़ाया जा सकेगा।
योजना के मुख्य आकर्षण और लाभ
वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC): यह पार्क अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुसंधान एवं विकास (R&D) और संचालन केंद्रों की स्थापना में सहायक होंगे।
स्टार्ट-अप और MSME को सहारा: विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा मिलने से छोटे उद्योगों और नए स्टार्टअप्स को बड़े क्लस्टर्स का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।
रोजगार के हजारों अवसर: सरकार का अनुमान है कि इस योजना से प्रदेश में व्यापक स्तर पर निवेश आएगा, जिससे हजारों कुशल और अकुशल युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
राजस्व में वृद्धि: निर्यात बढ़ने और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने से राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी होगी।
समावेशी और सतत विकास का लक्ष्य
इस नीति के माध्यम से योगी सरकार उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में गुणात्मक वृद्धि करना चाहती है। साझा जोखिम मॉडल (Shared Risk Model) पर आधारित यह योजना समावेशी और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। सरकार का मानना है कि इस तरह के बिजनेस पार्कों की स्थापना से उत्तर प्रदेश सेवा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दक्षिण भारत के राज्यों को कड़ी टक्कर दे सकेगा।
संभल-नोएडा के लिए योजना
इसके साथ ही संभल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर को मंजूरी दी गई है।मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना होगी। ग्रेटर नोएडा में जहां पूर्वी-पश्चिमी औद्योगिक गलियारा मिलता है वह जगह बुढ़ाकी है। 174.12 एकड़ जमीन नीलामी से दी जाएगी। टेंडर डॉक्यूमेंट को मंजूरी दी गई है। लॉजिस्टिक हब बनेगा।




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