यूपी में उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, जल्द शुरू होगा इन दो नए कॉरिडोर का काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर में से दो का काम जल्द शुरू हो जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। दोनों कॉरिडोर तकरीबन दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित उत्तर-दक्षिण ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना को जल्द रफ्तार मिलने जा रही है। करीब एक साल पहले घोषित छह कॉरिडोरों में से दो पर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है और दोनों कॉरिडोर को लगभग 2 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर प्रदेश को उत्तर और दक्षिण की दिशा में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके तहत छह कॉरिडोर में काम होना है। इनमें से दो पर काम जल्द शुरू किया जाएगा। जिन दो पर काम शुरू होना है उनमें कुशीनगर-देवरिया होते हुए गाजीपुर-वाराणसी तक और दूसरा पिपरी-सिद्धार्थनगर से प्रयागराज तक बनेगा। दोनों कॉरिडोर का काम लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। पहले कॉरिडोर की कुल लंबाई 220 किलोमीटर होगी, जिसमें से 57 किलोमीटर का काम लोक निर्माण विभाग करेगा। वहीं दूसरे कॉरिडोर में कुशीनगर स्थित कसया से दोहरीघाट तक का काम भी लोक निर्माण विभाग करेगा।
गोमती बैराज की मरम्मत शुरू, ग्रीन कॉरिडोर पर बढ़ा वाहनों का दबाव
उधर, लखनऊ के गोमती बैराज की मरम्मत का कार्य शुक्रवार से शुरू होने के कारण बैराज पुल को आम वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ट्रांस और सिस गोमती को जोड़ने इस पुल के बंद होने से अन्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। शाम के समय समता मूलक, निशातगंज और हनुमान सेतु जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते दिखाई पड़े।
ट्रैफिक पुलिस ने सुचारू आवागमन के लिए आठ मई से 15 जून तक डायवर्जन लागू किया है, जिसके तहत वाहन अब समतामूलक चौराहे से 1090 चौराहा, बालू अड्डा, बैकुंठ धाम तिराहा, भैसाकुंड होकर अथवा समतामूलक चौराहा से सेन्ट्रल अकादमी ग्रीन कॉरिडोर तिराहा होकर जा सकेंगे। गोमती बैराज ब्रिज की मरम्मत के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें आ गई। सिंचाई विभाग के अनुसार, भारी मशीनरी, मरम्मत कार्य और सुरक्षा कारणों से बैराज ब्रिज पर शुक्रवार से आम वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। विभाग के इंजीनियर मौके पर निरीक्षण कार्य में जुटे हैं। बैराज के नौ में से चार गेटों को हाईटेक मशीनों के जरिए बदला और कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। लगभग डेढ़ महीने चलने वाले इस कार्य से नदी के जल प्रबंधन में सुधार होगा और मानसून के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा कम हो सकेगा।




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