नौतपा के 6 दिनों के अंदर बारिश किस बात का संकेत? ज्योतिषाचार्य बोले- कुछ करने से पहले कई बार सोचें
ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि सूर्य की ऐसी स्थिति में कोई भी कार्य आरम्भ करने से पहले कई बार विचार करना आवश्यक होता है। वैसे रोहिणी नक्षत्र 14 दिनों के पहले के 9 दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर प्रभाव डालती है।

नौ दिनों का काल खण्ड नौतपा 25 मई से आरम्भ हो चुका है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, इस दौरान सूर्य की तपिश भीषण गर्मी को जन्म देने वाली होनी चाहिए। वहीं, वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे वातावरण अत्यधिक गर्म होकर आंधी, तूफान की गम्भीर स्थिति को जन्म लेती है। ज्योतिषविदों का मानना है कि सोमवार की रात हुई तेज आंधी व बारिश इस वर्ष मानसून को प्रभावित कर सकती है। नौतपा के छह दिनों के भीतर वर्षा का होना खंड वृष्टि का सूचक है।
ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि सूर्य की ऐसी स्थिति में कोई भी कार्य आरम्भ करने से पहले कई बार विचार करना आवश्यक होता है। वैसे रोहिणी नक्षत्र 14 दिनों के पहले के 9 दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर प्रभाव डालती है। उनका कहना है कि यदि इन नौ दिनों के दौरान ही यदि बारिश होने लगी तो इसे नौतपा का लगना माना जाता है।
इस बार बिखरा-बिखरा रह सकता है मानसून
ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि नौतपा का सीधा सम्बंध ग्रहों के अधिपति सूर्य देव से होता है। ज्येष्ठ माह के रोहिणी नक्षत्र में नौ दिनों का नौतपा इस वर्ष 25 मई से 2 जून तक रहेगा। नौतपा के प्रथम छह दिनों में बारिश होने से मानसून बिखरा-बिखरा हो सकता है। वहीं, ज्योतिषाचार्य पं. जितेंद्र नाथ पाठक ने बताया कि नौतपा के आखिरी दो दिन तेज हवा व बारिश होने के आसार हैं।
बारिश से बढ़ी उमस, कल मौसम बदलने के आसार
वहीं बीती आधी रात राजधानी लखनऊ सहित यूपी के कई जिलों में आई आंधी और उसके बाद पड़ी बौछार से चंद मिनटों की राहत जरूर रही लेकिन उमस बढ़ गई। इसकी वजह से रात का पारा ज्यादा नीचे नहीं गया जो कि 28.3 डिग्री रहा। सुबह हल्की धुंध के बीच पहले उमस ने परेशान किया फिर हवा की नमी तेजी से घटी और तपिश बढ़ने लगी। नतीजतन तापमान 42.9 डिग्री पहुंच गया। यह सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा था।
मौसम विभाग के अनुसार अभी अगले 48 घंटों में किसी बड़े मौसमी बदलाव के संकेत नहीं हैं। वहीं, मंगलवार को तपिश की वजह से दोपहर को प्रमुख सड़कों पर दो पहिया सवार कम दिखे। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ चौराहों पर दोपहर के समय गर्मी बढ़ते देखकर सिग्नल को यलो अलर्ट मोड पर कर दिया। 28 मई को एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ की आमद इस भीषण गर्मी से राहत देगी। लखनऊ के तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान है।




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