शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या की जांच में यूपी पहुंची पश्चिम बंगाल एसआईटी, कार नंबर प्लेट ने उलझाया
पश्चिम बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री बनने वाले शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस की एसआईटी उत्तर प्रदेश आई थी और कई लोगों से पूछताछ की।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री बनने वाले शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस की एसआईटी उत्तर प्रदेश आई थी और कई लोगों से पूछताछ की। यूपी के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि जांच में अब तक कोई ठोस कनेक्शन सामने नहीं आया है। राजीव कृष्ण ने कहा कि जांच के लिए पश्चिम बंगाल की टीम उत्तर प्रदेश आई थी, लेकिन अब तक ऐसा कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है, जो सीधे इस हत्याकांड से जुड़ता हो।
सूत्रों के अनुसार, मामला उस समय उत्तर प्रदेश से जुड़ा जब पुलिस को पता चला कि चंद्रनाथ रथ की कार को रोकने के लिए इस्तेमाल वाहन पर लगी नंबर प्लेट सिलिगुड़ी निवासी जेम्स विलियम्स के नाम पर पंजीकृत थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जेम्स विलियम्स ने अपनी निसान कार बिक्री के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों ने वाहन खरीदने के लिए उससे संपर्क किया था। इसी आधार पर पश्चिम बंगाल एसआईटी उत्तर प्रदेश पहुंची और संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही थीं कि कहीं वाहन के पंजीकरण विवरण का दुरुपयोग कर हत्या में इस्तेमाल वाहन पर फर्जी या क्लोन नंबर प्लेट तो नहीं लगाई गई थी।
कार के नंबर प्लेट और यूपी से कार खरीदने को लेकर हुई कॉल के कारण यूपी से इस हत्याकांड के तार जोड़े जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और एसआईटी इस मामले में अभी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने संदिग्ध संपर्कों से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की। हालांकि अब तक किसी व्यक्ति की प्रत्यक्ष संलिप्तता की पुष्टि नहीं हो सकी है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस को संदेह है कि हत्या की वारदात एक संगठित गिरोह ने अंजाम दी, जिसमें करीब आठ लोग शामिल थे। इनमें दो शार्प शूटर भी बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने सूचना साझा करने के लिए एक वाट्सऐप ग्रुप भी बनाया था। अंतरराज्यीय कनेक्शन की आशंका के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीमावर्ती जिलों को अलर्ट कर ट्रांजिट प्वाइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी है। कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपियों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही खंगाली जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि हत्या की वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई और इसमें कई स्थानों पर समन्वय की गतिविधियां शामिल थीं।




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