NCRB report UP leads in punishment for crimes against women महिलाओं से अपराधों में सजा देने में यूपी सबसे आगे, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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महिलाओं से अपराधों में सजा देने में यूपी सबसे आगे, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सजा दिलाने के मामले में सबसे आगे रहा है। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की कन्विक्शन रेट 76.6% दर्ज की गई, जबकि 21,169 अपराधियों को दोषी ठहराया गया।

Sat, 9 May 2026 06:31 AMPawan Kumar Sharma विशेष संवाददाता, लखनऊ
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महिलाओं से अपराधों में सजा देने में यूपी सबसे आगे, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

UP News: महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अपराधियों को सजा दिलाने के मामले में उत्तर प्रदेश वर्ष 2024 में देश के बड़े राज्यों में सबसे आगे रहा है। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की कन्विक्शन रेट 76.6% दर्ज की गई, जबकि 21,169 अपराधियों को दोषी ठहराया गया।

राज्य की अदालतों ने वर्ष के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराधों के 27,639 मामलों की सुनवाई पूरी की, जो देश में सबसे अधिक रही। पुलिस अधिकारी इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति, मजबूत अभियोजन तंत्र और फास्ट ट्रैक अदालतों को देते हैं। वहीं पश्चिम बंगाल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा है। वहीं सजा दिलाने का रेट महज 1.6% दर्ज किया गया है। वहीं 92.1 फीसदी लंबित मामलों के दबाव के बावजूद यूपी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की तुलना में कहीं बेहतर सजा दिलाई है।

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बच्चों के उत्पीड़न में 97% करीबी

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की वर्ष 2024 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चों से जुड़े यौन अपराधों में उनकी रिश्तेदार, करीबी और मित्र की अपराधी होते हैं। ऐसे 97 मामलों में करीबियों-रिश्तेदारों को दोषी पाया गया है। बुधवार को जारी ‘क्राइम इन इंडिया-2024’ रिपोर्ट में ये चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं।

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में वर्ष 2024 में पॉक्सो के 3,671 ऐसे मामलों का अध्ययन किया गया। इनमें से पाया गया कि 3,581 मामलों में अपराधी पीड़ित बच्चों के परिचित थे, जो कुल मामलों का 97.5 प्रतिशत है। केवल 90 मामलों में आरोपी अज्ञात पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने पर यूपी में 329 आरोपी परिवारिक सदस्य, 1,595 आरोपी रिश्तेदार, पड़ोसी, नियोक्ता या अन्य व्यक्ति थे। वहीं 1,657 आरोपी लिव-इन पार्टनर, दोस्त या शादी का झांसा देकर संबंध बनाने वाले अपराधी थे।

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आंकड़े गवाही देते हैं कि खासकर किशोरियां, उन लोगों द्वारा अधिक शोषण का शिकार हुईं, जिनसे उनका नियमित संपर्क रहता है। एनसीआरबी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत वर्ष 2024 में कुल 3,672 मामले दर्ज किए गए। इनमें केवल 101 लड़के और 3,571 लड़कियां थीं। सबसे अधिक पीड़ित 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग में थे। इस श्रेणी में कुल 1,181 पीड़ितों में 1,173 लड़कियां थीं। वहीं 12 से 16 वर्ष आयु वर्ग में 1,759 पीड़ित दर्ज किए गए, जिनमें 1,721 लड़कियां थीं।

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राज्यप्रतिशत
कर्नाटक4.8%
महाराष्ट्र8.7%
तेलंगाना14.8%
केरल17%
पंजाब19%
मध्य प्रदेश29.6%
तमिलनाडु23.4%
राजस्थान37.2%
उत्तर प्रदेश76.6%
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