यूपी में जिला पंचायत के लिपिक का रुपये लेते वीडियो वायरल, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
यूपी में जिला पंचायत के लिपिक का रुपये लेते वीडियो वायरल हो रहा है। सीडीओ ने इस मामले में अपर मुख्य अधिकारी को आरोपी लिपिक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी है।

यूपी के आजमगढ़ जिले में जिला पंचायत के अनुभागीय (टेंडर) लिपिक का रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस मामले में भाजपा के निर्वतमान जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने लिपिक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के साथ अन्य अधिकारियों को पत्र पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। सीडीओ ने इस मामले में अपर मुख्य अधिकारी को आरोपी लिपिक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी है।
जिला पंचायत विभाग में अनुभागीय लिपिक के पद पर कार्यरत शिवाकांत उपाध्याय का रुपये लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। निर्वतमान जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त जिला पंचायत के अनुभागीय लिपिक ठेकेदारों से मिलीभगत कर टेंडर में फर्जी एवं कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र और दस्तावेजों में हेराफेरी कर धन उगाही कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अशोक मद्धेशिया से रिपोर्ट मांगी है।
अनुभागीय लिपिक ने आरोप के बताया निराधार
जिला पंचायत के अनुभागीय लिपिक शिवाकांत उपाध्याय ने अपने ऊपर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे कैशियर के पद पर कार्यरत हैं। जिला पंचायत के ठेकेदारों का लाइसेंस शुल्क, पंजीयन शुल्क नकद जमा किया जाता है। इसके बदले उन्हें प्रपत्र पांच दिया जाता है। तब जाकर वे जिला पंचायत के रजिस्टर्ड ठेकेदार होते हैं। इस मद में मिले नकद रुपये को वे जिला निधि के खाते में जमा करते हैं। जिला निधि का खाता ही जिला पंचायत की आय का स्त्रोत है। उन्होंने वायरल वीडियो को साढ़े तीन वर्ष पुराना बताया है।




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