लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर इस डेट से दौड़ने लगेंगी गाड़ियां, आ गया लेटेस्ट अपेडट
यूपी की राजधानी में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर पहली अप्रैल से वाहन दौड़ने लगेंगे। 20 मार्च तक फिनशिंग कर ली जाएगी। उसके बाद एक्सप्रेस वे की सुरक्षा जांच(टेस्टिंग) की जाएगी।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर 01 अप्रैल से वाहन दौड़ने लगेंगे। लगभग 63 किमी लंबे इस हाइवे पर स्कूटर इंडिया के पास ही महज 120 मीटर का काम बचा हुआ था, जिसे पूरा कर लिया गया है। 20 मार्च तक फिनशिंग कर ली जाएगी। उसके बाद एक्सप्रेस वे की सुरक्षा जांच(टेस्टिंग) की जाएगी। यदि इस दौरान कोई कमी मिलती है तो उसे दूर किया जाएगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस पर वाहनों की स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा रहेगी। ऐसे में लखनऊ से कानपुर पहुंचने में महज 40 से 45 मिनट लगेंगे। चार हजार करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत से निर्मित इस एक्सप्रेस में कानपुर जिले में 45 किमी और लखनऊ जिले में 17.8 किमी का हिस्सा है। कानपुर में 45 किमी ग्रीन बेल्ट है, जबकि लखनऊ वाला एलिवेटेड और फ्लाईओवर वाला है। पूरे एक्सप्रेस वे वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 80 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की विशेषता है कि यदि वाहन किसी भी स्थान पर दो मिनट से अधिक रुकेगा तो फौरन कंट्रोल रूम को सूचना पहुंच जाएगी। कोई हादसा होने पर 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस की सुविधा भी पहुंच जाएगी। हर दो किमी पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाने से एनएचएआई कंट्रोल रूम और पुलिस को हादसे की जानकारी मिलेगी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे अभी सिक्स लेन का है। इसे इस तकनीकि से बनाया गया है कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इसे आठ लेन का किया जा सकता है।
रेस्ट रूम, फूड कोर्ट और ट्रामा सेंटर की सुविधा भी
इस एक्सप्रेस के दोनों तरफ एक-एक स्थानों पर रेस्ट एरिया बनाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इन वे-साइड अमेनिटी सेंटरों में आधुनिक टॉयलेट और रेस्ट रूम, रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट, पेट्रोल पंप और सीएनजी और ईवी चार्जिंग स्टेशन, वाहन रिपेयरिंग वर्कशॉप, बैंक एटीएम और छोटा होटल भी होगा। इसे पीपीपी या लीज मॉडल पर विकसित करने के लिए टेंडर हुआ है। हेल्थ और इमरजेंसी सुविधा के तहत छोटा करीब 10 बेड का ट्रॉमा सेंटर, एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी रहेगी।
लखनऊ एनएचआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे लगभग तैयार है। स्कूटर इंडिया के पास जो 120 मीटर एलीवेटेड हिस्सा बचा हुआ था, उसे पूरा कर लिया गया है। 20 मार्च तक इस हिस्से की फिनशिंग कर ली जाएगी। उसके बाद एक्सप्रेस वे की टेस्टिंग करा कर 01 अप्रैल से वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। उद्घाटन को लेकर अभी कोई तिथि निर्धारित नहीं है। इस संबंध में मुख्यालय से मिले निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा।




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