यूपी के बीजेपी MLC को डिजिटल अरेस्ट कहकर दी कार्रवाई चेतावनी, डेढ़ घंटे तक परेशान रहे शैलेंद्र प्रताप
यूपी के सुलातनपुर में BJP के विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह साइबर ठगों के चपेट में आ गए। एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह से दो मार्च को फोन कर डिजिटल अरेस्ट होने की बात कही। इससे वह परेशान हो गए।

यूपी के सुलतानपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी(BJP) के विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह साइबर ठगों के चपेट में आ गए। अपने को एटीएस क्राइम ब्रांच मुम्बई का अधिकारी बताते हुए एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह से दो मार्च को फोन कर डिजिटल अरेस्ट होने की बात कही। इससे एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह करीब डेढ़ घंटे मानसिक दबाव में रहे। एमएलसी की तहरीर पर साइबर क्राइम बांच थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ नगर ने एमएलसी के डिजिटल अरेस्ट की बात को नकारते हुए साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच किए जाने की बात कही है।
एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने साइबर क्राइम ब्रांच थाने में दी गई तहरीर में बताया कि दो मार्च को दोपहर 12.22 बजे से 1.39 बजे के बीच अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल आए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एटीएस क्राइम ब्रांच मुम्बई का अधिकारी बताते हुए गंभीर मामलों में फंसाने और तत्काल कार्रवाई की चेतावनी दी। बातचीत के दौरान डिजिटल अरेस्ट का हवाला देकर डराने और पूछताछ के नाम पर लंबी बातचीत की गई। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने तहरीर के आधार पर कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है। सीओ नगर सौरभ सामन्त ने बताया कि एमएलसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं किया गया है। साइबर क्राइम ब्रांच थाने में मुकदमा दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
ट्रांसपोर्टर दंपति को 14 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 90 लाख ठगने वाले दो और गिरफ्तार
वहीं लखनऊ में खुद को एटीएस और सीबीआई का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने सोमवार को और गिरफ्तार किया है। गिरोह ने 14 दिन तक आलमबाग निवासी ट्रांसपोर्टर राकेश बाजपेयी और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 90 लाख ठगे थे। गिरोह के तीन सदस्यों को दो हफ्ते पूर्व गिरफ्तार किया गया था। गिरोह दिल्ली और तमिलनाडु से संचालित किया गया जा रहा है। अब सरगना की तलाश पुलिस टीम कर रही है। पुलिस उपायुक्त अपराध कमलेश कुमार दीक्षित के मुताबिक गिरफ्तार जालसाजों में राजस्थान के सीकर थोई निवासी जितेंद्र यादव और सीकर के चीपलाटा का रहने वाला मनोज यादव है। जालसाजों ने आलमबाग के रहने वाले ट्रांसपोर्टर राकेश बाजपेयी और उनकी पत्नी वीना को ठगा था। मयंक ने 26 जनवरी को वीना के मोबाइल पर व्हाट्सऐप वीडियो कॉल की और खुद को एटीएस मुख्यालय का कर्मचारी बताया था। की गई। कई खातों में 18 लाख रुपये फ्रीज कराए गए थे।




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