Mourning Begins in Varanasi for Imam Hussain During Moharram माह-ए-मोहर्रम के चांद की तस्दीक मंगलवार को हुई। इसके साथ माह-ए-गम का आगाज हो गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन का गम मनाने के लिए इमामबाड़ों और दरगाहों सहित अन्य स्थानों पर फर्श-ए-अजा बिछा (शोक या मातम का बिछौना) दिया गया। , Varanasi Hindi News - Hindustan
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माह-ए-मोहर्रम के चांद की तस्दीक मंगलवार को हुई। इसके साथ माह-ए-गम का आगाज हो गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन का गम मनाने के लिए इमामबाड़ों और दरगाहों सहित अन्य स्थानों पर फर्श-ए-अजा बिछा (शोक या मातम का बिछौना) दिया गया।

Varanasi News - वाराणसी में माह-ए-मोहर्रम के चांद की तस्दीक के साथ शोक का आगाज हो गया है। इमामबाड़ों और दरगाहों पर मातम मनाया जा रहा है। अजादार काले कपड़े पहनकर शहीदों के गम में डूब गए हैं। 60 से अधिक जुलूस निकाले जाएंगे, जिनमें हजारों लोग शामिल होंगे।

Wed, 17 June 2026 02:23 AMNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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 माह-ए-मोहर्रम के चांद की तस्दीक मंगलवार को हुई। इसके साथ माह-ए-गम का आगाज हो गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन का गम मनाने के लिए इमामबाड़ों और दरगाहों सहित अन्य स्थानों पर फर्श-ए-अजा बिछा (शोक या मातम का बिछौना) दिया गया।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। माह-ए-मोहर्रम के चांद की तस्दीक मंगलवार को हुई। इसके साथ माह-ए-गम का आगाज हो गया।

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मातम का आगाज

पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन का गम मनाने के लिए इमामबाड़ों और दरगाहों सहित अन्य स्थानों पर फर्श-ए-अजा बिछा (शोक या मातम का बिछौना) दिया गया। इसके अलावा महिलाओं ने चूड़ियां तोड़ दी हैं। सुहाग की अन्य निशानियां हटा कर काले लिबास पहन लिये हैं। चांद दिखते ही हर जगह मजलिस-मातम की आवाजें गूंजने लगीं। इमाम के अजादार काले कपड़े पहनकर कर्बला के शहीदों के गम में डूब गए।

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जुलूस और मजलिस

दोषीपुरा, सरैयां, कालीमहाल, दालमंडी, दरगाहे फातमान सहित अन्य इलाकों में अजादारों ने घरों की छतों पर काले झंडे लगा दिए हैं। पहली से नवीं मोहर्रम तक चलने वाली मजलिसों में हजारों अजादार शामिल होंगे। अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने बताया कि मोहर्रम की दस तारीख को इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों शहीदों में उनका 6 महीने का मासूम बच्चा भी था।

जुलूस की तैयारी

उन्होंने कहा कि एक से 12 मोहर्रम तक 60 से ज्यादा जुलूस उठेंगे। इस बार इमाम हुसैन की शहादत का दिन (आशुरा) 26 जून को मनाया जाएगा। अलम और दुलदुल का पहला जुलूस 17 जून को दिन में 3 बजे लाट सरैया इमामबाड़े में निकलेगा। इसके पहले सुबह 7 बजे मजलिस होगी।

सड़क बाधित

अंजुमन हैदरी के ऑफिस सेक्रेटरी जुल्फिकार जैदी ने कहा मोहर्रम में जुलूस निकलता है। दालमंडी में इस समय सड़क चौड़ीकरण अभियान चल रहा है। जिससे मार्ग बाधित है। तोड़े गए मकानों के मलबे सड़क पर भरे हैं। सीवर लाइन चोक होने से गंदा पानी मुख्य मार्ग पर भरा है। ऐसे में जुलूस निकालने में दिक्कत होगी। इस संबंध में अंजुमन हैदरी एवं अंजुमन जवादिया के प्रतिनिधियों ने चौक थाने के प्रभारी निरीक्षक से मुलाकात कर समाधान करने के लिए पत्रक सौंपा।

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