इमामबाड़ों और अजाखानों में शुरू की गईं तैयारियां
सरायमीर के क्षेत्र में मोहर्रम को लेकर इमामबाड़ों और अजाखानों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। साफ-सफाई, सजावट और मजलिस के आयोजन के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। शिया कमेटी के मीडिया प्रभारी सैयद मोहम्मद हुसैन ने बताया कि यह महीना इंसानियत और सच्चाई का संदेश देता है।

सरायमीर, हिन्दुस्तान संवाद। कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन के गम के महीने मोहर्रम को लेकर नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के इमामबाड़ों और अजाखानों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। क्षेत्र के निकमुद्दीनपुर, कोरौली, बेलहरी इमाम अली, कड़छा आदि इमामबाड़ों और अजाखानों एवं इमाम चौक की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। मोहर्रम के दौरान आयोजित होने वाली मजलिसों और मातमी कार्यक्रमों के मद्देनजर विशेष इंतजाम किए गए हैं। शिया कमेटी के मीडिया प्रभारी सैय्यद मोहम्मद हुसैन ने बताया कि मोहर्रम का महीना हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदाने कर्बला की कुर्बानियों को याद करने का महीना है।
यह इंसानियत, सब्र और सच्चाई का पैगाम देता है। अकीदतमंदों द्वारा अलम, ताजिया और अन्य धार्मिक प्रतीकों को व्यवस्थित किया जा रहा है। वहीं अजाखानों में फर्श बिछाकर मोमिनीन के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। शाम होते ही विभिन्न इमामबाड़ों और अजाखानों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शिरकत कर शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।मीडिया प्रभारी सैयद मोहम्मद हुसैन ने बताया कि सरायमीर सिरादी पूरा स्थित अजाखाना जहरा से गुरुवार सुबह 10 बजे मजलिस के बाद शबीह ज़ुलजनाह अलम के साथ पहला मातमी जुलूस निकलेगा। जुलूस रौजा अली आशिकान पुराना थाना होते हुए चौक स्थित अजाखाना अबु तालिब पहुंचकर समाप्त होगा। जुलूस में क्षेत्र के साथ बाहरी अंजुमने शरीक होंगी।




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