यूपी के ग्राम पंचायतों में कैंप लगाकर यह काम करने जा रही योगी सरकार, खोजे जाएंगे लाभार्थी
यूपी में योगी सरकार ग्राम पंचायतों में कैंप लगाने जा रही है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अब कैंप लगेंगे। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के लिए पात्र लाभार्थियों की खोज की जाएगी।

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अब ग्राम पंचायतों में कैंप लगवाने जा रही है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के लिए पात्र लाभार्थियों की खोज की जाएगी। हर जिले में तैनात इससे जुड़े अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर इस काम को करेंगे। आयुष्मान कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के लिए यह आदेश दिए गए हैं। इसकी मॉनीटरिंग के लिए मुख्यालय स्तर से टीमें भेजी जाएंगी। वहीं संबंधित जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
यूपी आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में देश में शीर्ष पर है। प्रदेश में अब तक कुल 5 करोड़ 73 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। मगर बीते कुछ समय में इसकी गति कुछ थमी है। बीते एक महीने की बात करें तो प्रदेश में सात लाख 25 हजार 838 कार्ड ही बन सके यानि पूरे प्रदेश में लगभग 24 हजार कार्ड प्रतिदिन। धीमी गति पर शासन ने नाराजगी जताई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने आयुष्मान कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। सभी नोडल अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर सक्रिय रहकर अभियान को प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। अपर मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि यदि कार्ड बनाने के काम में तेजी न आई तो मुख्यालय पर तैनात अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित सीएमओ की जवाबदेही तय की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री को लेकर सरकार पहले से कैंप करवा रही
इसके अलावा ग्राम पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर सरकार पहले से कैंप करवा रही है। उत्तर प्रदेश में प्रत्येक किसान फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने निर्देश दिए गए। क्योंकि बिना फार्मर रजिस्ट्री किसानों को किसी भी कृषि निवेश का लाभ नहीं मिलेगा। फार्मर रजिस्ट्री नहीं होने पर सरकार से मिलने वाली किसान सम्मान निधि की राशि भी खाते में नहीं जाएगी। जबकि फार्मर रजिस्ट्री कराने से वरासत एवं कृषि से संबंधित अन्य लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। बताया जा रहा है कि फार्मर रजिस्ट्री में किसान को एक यूनिक आईडी मिलती है। यहयूनिक आईडी सभी अभिलेखों का काम करेगी। किसान पहले जितने भी जमीन से जुड़े अभिलेख लेकर चलते थे उन सभी अभिलेखों को लेकर नहीं चलना पड़ेगा₹




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