यूपी में अगले दो दिन बारिश के साथ गिरेंगे ओले, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
उत्तर प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के चलते 5 अप्रैल तक भारी बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और ओले फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और चिंताजनक बदलाव आने वाला है। अप्रैल की शुरुआत में बढ़ती तपिश के बीच अब इंद्रदेव की नाराजगी और कुदरत का दोहरा प्रहार एक साथ देखने को मिल सकता है। ईरान और पाकिस्तान की ओर से आ रहे दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) के कारण उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, झमाझम बारिश और ओलावृष्टि का गंभीर संकट मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
ईरान और पाकिस्तान से आ रहे दो शक्तिशाली विक्षोभ
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में एक शक्तिशाली विक्षोभ पूर्वी ईरान पर सक्रिय है, जबकि दूसरा विक्षोभ अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बना हुआ है। ये दोनों सिस्टम गुरुवार रात तक उत्तर भारत की सीमाओं में दस्तक दे सकते हैं। इसका सीधा असर शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही के रूप में दिखाई देने लगेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 3 और 4 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 'यलो अलर्ट' रहेगा, लेकिन 5 अप्रैल को यह स्थिति बदलकर 'ऑरेंज अलर्ट' में तब्दील हो जाएगी, जो भारी तबाही की ओर इशारा कर रही है।
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव और तेज हवाओं का तांडव
गुरुवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का तीखा असर देखा गया। अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री से उछलकर 37.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 2.5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 6 अप्रैल तक होने वाली बारिश और बादलों के चलते तापमान में अचानक गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन उमस बढ़ सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। हवा की दिशा अभी भी दक्षिण-पूर्वी बनी हुई है, जिससे बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जो ओलावृष्टि के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर रही है।
अन्नदाता की बढ़ी चिंता: फसलों पर मंडराया संकट
मौसम में आ रहे इस अचानक और उग्र बदलाव ने उत्तर प्रदेश के किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। वर्तमान में खेतों में गेहूं, दलहन और सरसों जैसी फसलें या तो कटाई के अंतिम चरण में हैं या खलिहानों में सुखाने के लिए रखी गई हैं। ऐसे में तेज आंधी और ओलावृष्टि तैयार खड़ी फसलों को बिछा सकती है, जिससे दानों की गुणवत्ता खराब होने और पैदावार घटने का भारी जोखिम है। मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि वे कटी हुई फसल को तिरपाल से ढंककर सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम के मिजाज को देखते हुए ही सिंचाई या कीटनाशकों का छिड़काव करें।




साइन इन