एलपीजी टैंकर लीक; लखनऊ से बाराबंकी तक जाम ही जाम, अयोध्या-गोरखपुर रूट पर हालत खराब
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर नेपाल जा रहे एलपीजी टैंकर में रिसाव होने से बाराबंकी और लखनऊ के बीच यातायात ठप हो गया है। 18 घंटे से हाईवे बंद है। रात भर सैकड़ों गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। तकनीकी टीमों के विफल होने के बाद अब शाहजहांपुर से विशेष टीम बुलाई गई है।

UP News: लखनऊ-अयोध्या मुख्य हाईवे पर एक एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव (Gas Leak) होने के कारण पिछले 18 घंटों से अफरा-तफरी का माहौल है। नेपाल जा रहे इस टैंकर में हुए रिसाव को रोकने के तमाम प्रयास विफल साबित हुए हैं, जिसके चलते हाईवे को पूरी तरह बंद करना पड़ा है। इस घटना ने लखनऊ से लेकर बाराबंकी तक यातायात व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है और हजारों वाहन रात भर जाम में फंसे रहे। लखनऊ से अयोध्या और गोरखपुर रूट पर हालत खराब है। यातायात पर गहरा असर पड़ा है।
एक्सपर्ट्स फेल, अब दूसरे टैंकर में शिफ्ट होगी गैस
बाराबंकी में कोतवाली नगर के असेनी मोड़ के पास लखनऊ -अयोध्या हाईवे पर बुधवार की शाम करीब छह बजे एलपीजी ले जा रहे एक टैंकर से गैस का रिसाव होने होने लगा। तेजी से हो रहे रिसाव को देख वहां पर हाहाकार मच गया। स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास के बाद भी लीकेज को बंद करने में नाकाम रहने पर प्रशासन की ओर से लखनऊ के बंथरा प्लांट की एक्सपर्ट की टीम को बुलाया गया है। इस दौरान लखनऊ-अयोध्या हाईवे के दोनों लेन पर यातायात को रोक दिया गया। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई है। कुछ वाहनों को डायवर्ट कर भेजना शुरू किया गया।
इधर गुरुवार की सुबह नौ बजे तक बंथरा (लखनऊ) स्थित इंडियन ऑयल की टेक्निकल टीम रिसाव को दुरुस्त करने में नाकाम रही। अधिकारियों ने बताया कि रिसाव रोकने के लिए 'प्लास्टर ऑफ पेरिस' (POP) समेत कई देसी और तकनीकी उपाय आजमाए गए, लेकिन दबाव इतना अधिक है कि कोई भी तरीका काम नहीं आया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने शाहजहांपुर से विशेष वाहन (Special Vehicle) और एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई है। अब अंतिम विकल्प के तौर पर लीक हो रहे टैंकर से गैस को दूसरे सुरक्षित टैंकर में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया में दोपहर तक का समय लग सकता है।
मरीजों की जान पर बनी, ट्रामा सेंटर रेफरल में देरी
हाईवे बंद होने का सबसे बुरा असर एम्बुलेंस और गंभीर मरीजों पर पड़ा है। बाराबंकी जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किए गए चार मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई। रास्ता बंद होने के कारण उन्हें वापस जिला अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। गुरुवार सुबह करीब 8:00 बजे स्थिति थोड़ी सुधरने पर उन्हें चिनहट रोड के रास्ते वैकल्पिक मार्ग से लखनऊ भेजा जा सका।
यात्रियों की मुसीबत: पैदल सफर और घंटों का इंतजार
यातायात रोकने के कारण रोडवेज की लगभग 30 बसें रात भर जाम में फंसी रहीं। बसों में सवार यात्री भूख-प्यास से बेहाल नजर आए। सफेदाबाद के पास फंसे कई यात्रियों ने हिम्मत दिखाई और इंदिरा कैनाल से हिंद हॉस्पिटल होते हुए पुराने हाईवे के रास्ते पैदल ही शहर की ओर कूच किया। पूरे बाराबंकी शहर में वाहनों का भारी दबाव है और ट्रैफिक को डायवर्ट (Divert) किया गया है, लेकिन वैकल्पिक रास्ते संकरे होने के कारण वहां भी गाड़ियां रेंग रही हैं।




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