up vidhansabha election bsp mission 2027 ayodhya akbarpur rallies mayawati vishwanath pal यूपी चुनाव के लिए अयोध्या से बसपा का शंखनाद, लगातार दो दिन दो जिलों में होंगी जनसभाएं, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी चुनाव के लिए अयोध्या से बसपा का शंखनाद, लगातार दो दिन दो जिलों में होंगी जनसभाएं

बहुजन समाज पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज करते हुए 22 और 23 जून को अयोध्या और अकबरपुर में दो बड़ी जनसभाएं करने जा रही है। इन जनसभाओं से बसपा सोशल इंजीनियरिंग और मायावती सरकार के सुशासन का संदेश देगी।

Fri, 12 June 2026 09:53 AMYogesh Yadav लखनऊ, विशेष संवाददाता
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यूपी चुनाव के लिए अयोध्या से बसपा का शंखनाद, लगातार दो दिन दो जिलों में होंगी जनसभाएं

मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता काफी तेज कर दी है। पार्टी का पूरा ध्यान 'मिशन-2027' पर टिक गया है। चुनावी तैयारियों को जमीनी स्तर पर धार देने के लिए बसपा ने इस महीने दो बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी जनसभाएं करने का फैसला किया है। पार्टी के रणनीतिकारों ने उत्तर प्रदेश की सियासत के सबसे अहम केंद्र 'अयोध्या' से अपने चुनावी अभियान का शंखनाद करने की योजना बनाई है। आगामी 22 और 23 जून को बसपा अयोध्या और अकबरपुर (अंबेडकरनगर) में बैक-टू-बैक दो बड़ी रैलियां करने जा रही है, जिसके लिए पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश स्तरीय संगठन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

विश्वनाथ पाल संभालेंगे कमान

बसपा आलाकमान ने अयोध्या और अकबरपुर की इन दोनों जनसभाओं को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इन जनसभाओं की मुख्य कमान बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल के हाथों में होगी। विश्वनाथ पाल के अलावा पार्टी के कई अन्य कद्दावर और प्रमुख चेहरे भी इन मंचों से कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करेंगे।

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गौरतलब है कि अयोध्या और अकबरपुर के क्षेत्रों में बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है और हाल के दिनों में इस इलाके में हुए बसपा के सांगठनिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता का लाभ उठाने के लिए ही इन दो जिलों को पहली जनसभाओं के लिए चुना गया है।

सोशल इंजीनियरिंग और सुशासन के फॉर्मूले पर रहेगा जोर

इन दोनों बड़ी जनसभाओं के जरिए बसपा एक बार फिर अपने पुराने और सबसे भरोसेमंद 'सोशल इंजीनियरिंग' (सामाजिक समीकरण) के फॉर्मूले को पुनर्जीवित करने का प्रयास करेगी। रैलियों के दौरान बसपा नेता मुख्य रूप से मायावती सरकार के कार्यकाल के दौरान रहे कानून व्यवस्था के सख्त सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक गठजोड़ के संदेश को जनता के बीच लेकर जाएंगे। पार्टी का मानना है कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में जनता एक बार फिर बसपा के विकास मॉडल की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।

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इसी महीने घोषित हो सकते हैं विधानसभा प्रत्याशियों के नाम

बसपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन जनसभाओं के साथ ही अगले चरण में प्रदेश के अन्य जिलों में भी बड़ी रैलियों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बसपा इसी महीने (जून) में 'मिशन-2027' के लिए अपने कई विधानसभा प्रत्याशियों के नामों की पहली सूची भी घोषित कर सकती है। पार्टी ने वर्तमान में जिन विधानसभा क्षेत्रों में अपने 'प्रभारी' नियुक्त किए हैं, उन्हें इन जनसभाओं के मंच पर बतौर भावी प्रत्याशी मौजूद रहने का विशेष अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही, अन्य राजनीतिक दलों के कुछ बड़े और असंतुष्ट नेताओं को भी इन रैलियों के दौरान बसपा में शामिल कराने की बड़ी तैयारी चल रही है।

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