up assembly SP finalizes ticket formula Akhilesh yadav assigns responsibility to leaders along with private agencies सपा में विधानसभा टिकट का फार्मूला तय, निजी एजेंसी के साथ नेताओं को अखिलेश ने दी यह जिम्मेदारी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

सपा में विधानसभा टिकट का फार्मूला तय, निजी एजेंसी के साथ नेताओं को अखिलेश ने दी यह जिम्मेदारी

लोकसभा चुनाव में शानदार सफलता हासिल करने वाली अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में किसी तरह की कोई गलती नहीं करना चाहती है। खासकर प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी बेहद सतर्क है। टिकट का फार्मूला भी तय हो गया है।

Mon, 1 June 2026 09:33 AMYogesh Yadav शैलेंद्र श्रीवास्तव, लखनऊ
share
सपा में विधानसभा टिकट का फार्मूला तय, निजी एजेंसी के साथ नेताओं को अखिलेश ने दी यह जिम्मेदारी

समाजवादी पार्टी अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने से पहले पूरी तरह से कील कांटा दुरुस्त कर लेना चाहती है। टिकट बंटवारे में वह इस बार किसी तरह की कोई गलती नहीं करना चाहती है। इसके लिए फार्मूला तय हो गया है। निजी एजेंसी से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया जा रहा है। सपा नेतृत्व इस बार रिपोर्ट कार्ड के साथ ही जिला स्तरीय नेताओं के फीडबैक के आधार पर टिकट फाइनल करेगा। टिकट के लिए खुद का जनाधार और क्षेत्र में अच्छी छवि को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

लिया जा रहा है फीडबैक

सपा नेतृत्व ने यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों का जो रिपोर्ट कार्ड तैयार करा रहा है, उसके आधार पर फीडबैक लेने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव इन दिनों जिलेवार नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। इसमें रिपोर्ट कार्ड के आधार पर स्थानीय नेताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें सीट पर पार्टी की स्थिति, टिकट दिए जाने वाले उम्मीदवारों के बारे में जानकारी और पार्टी की कमजोरी और मजबूती के कारणों को पूछा जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट और स्थानीय नेताओं के फीडबैक के आधार पर टिकट को अंतिम रूप दिया जाएगा। भले ही मजबूत दावेदारी हो, पर फीडबैक खराब हुआ तो टिकट नहीं मिलेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हमारे गठबंधन में ऐसे नेताओं को जगह नहीं, बिजली संकट के बहाने अखिलेश का कहां हमला

कोई चूक नहीं चाहता नेतृत्व

लोकसभा चुनाव में शानदार सफलता हासिल करने वाली सपा पिछले विधानसभा चुनाव तरह इस बार कोई भी चूक नहीं चाहती है। इसीलिए फीडबैक और एजेंसी के सर्वे रिपोर्ट का आपस में मिलान कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन दोनों के मिलान में जिसकी दावेदारी मतदाताओं की नजर में मजबूत मिलेगी, उसे ही टिकट दिया जाएगा। जितनी सीटों पर इस तरह का काम पूरा हो चुका है, उन सीटों पर उम्मीदवारों को धीरे-धीरे क्षेत्र में तैयारी के लिए हरी झंडी दी जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिन्हें भी हरी झंडी दी जा रही है, उनको सख्त हिदायत दी जा रही है कि कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे उनकी और पार्टी की स्थिति खराब हो।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:UP विधानसभा चुनाव; अखिलेश यादव के नए फार्मूले से क्यों कांग्रेस की बढ़ गई चिंता

मत प्रतिशत बढ़ाने पर जोर

सपा नेतृत्व का मानना है कि वर्ष 2022 का चुनाव वह अच्छा लड़ी, लेकिन जरा सी चूक से सत्ता बनाने से रह गई। लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम से वह उत्साहित है। कार्यकर्ताओं को अंदरखाने में संदेश दिया जा रहा है कि वे बस मत प्रतिशत बढ़ाने में जुटें। सपा को वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में 111 सीटें और 32.06% मत मिले और लोकसभा चुनाव 2024 में सपा 37 सीटें जीती और 33.59% मत मिले। भाजपा को वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में 41.29% मत पाकर 255 सीटें जीती थी। इसीलिए कार्यकर्ताओं को सिर्फ और सिर्फ वोट बचाने और मत प्रतिशत बढ़ाने में जुटने का संदेश दिया जा रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:उन्हें मिर्ची लगे तो मैं क्या करूं, ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर 'तस्वीर वाला' तंज
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।