सावधान! साइबर ठगों ने पैसे मंगाने की अपनाई नई तरकीब, गेमिंग ऐप में बना रहे क्यूआर कोड
साइबर ठगों ने लोगों से पैसे मंगाने के लिए नई तरकीब अपनाई है। म्यूल अकाउंट की बजाय अब पैसा गेमिंग ऐप के खातों में ट्रांसफर करवाया जा रहा है। क्यूआर कोड के जरिए रकम खातों में मंगवाई जा रही है।
यूपी के वाराणसी में साइबर ठगों ने ऑनलाइन ठगी की रकम हासिल करने के लिए नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। पहले जहां ठगी के पैसे म्यूल अकाउंट में मंगाते थे, अब गेमिंग और ऑनलाइन बेटिंग ऐप के खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गेमिंग और ऑनलाइन बेटिंग ऐप के खातों में पैसे मंगाने से पुलिस के सामने रकम वापसी की नई चुनौती सामने आने लगी है।
साइबर अपराधी पहले विभिन्न गेमिंग ऐप पर अपना अकाउंट बनाते हैं और उससे जुड़े क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक तैयार कर लेते हैं। ठगी का शिकार हुए लोगों से रकम सीधे उसी क्यूआर कोड पर जमा करा रहे हैं। पैसा बैंक खाते में आने के बजाय पहले गेमिंग वॉलेट या गेमिंग अकाउंट में पहुंचता है, जिससे उसकी ट्रैकिंग और रिकवरी मुश्किल हो जाती है। इसी का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं।
साइबर सेल के अनुसार हाल के कई केस में सामने आया है कि शातिर ठगी से मिले पैसे को वहां मंगा रहे हैं, जहां खुद ऑनलाइन गेमिंग या बेटिंग ऐप में अकाउंट बनाते हैं। चूंकि बेटिंग एवं गेमिंग ऐप में पैसा कई स्तरों से गुजरता है, जिससे वापसी की जांच लंबी और जटिल हो जाती है।
यहां पैसा मंगाने के बाद शातिर ठग अपने वॉलेट से पैसे की निकासी कर लेते हैं या फिर बेटिंग या गेमिंग में खुद पैसे का निवेश कर लेते हैं। साइबर सेल के प्रभारी मनोज तिवारी ने बताया कि हाल में आए 12 से 13 केस में इस तरह के मामले जांच में सामने आए हैं। आरोपियों ने बेटिंग ऐप के अपने वॉलेट में पैसे मंगाए। इसके बाद कई बार पैसे की निकासी कर ली या फिर खुद ही सट्टा खेल लिया।
- गेमिंग ऐप में खुद का अकाउंट बनाकर जारी करा रहे हैं क्यूआर कोड
- साइबर ठगी के पैसे ही खुद गेमिंग या फिर बेटिंग में लगा रहे जालसाज
- इसी क्यूआर के जरिए पैसे पहले गेमिंग अकाउंट में ले रहे यह पुलिस के लिए भी चुनौती
- जालसाजी की इस नई तकनीक से उसकी ट्रैकिंग और रिकवरी मुश्किल
साइबर ठगी के पीड़ित का रुपये कराए वापस
बीजपुर में स्थानीय पुलिस की साइबर टीम ने ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति के खाते से धोखाधड़ी से निकाली गई 4450 रुपये की धनराशि वापस कराया। थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम झीलों निवासी कमलेश पुत्र कृष्ण माधव के साथ अज्ञात व्यक्ति ने 4,450 रुपये की ठगी की थी। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। टीम ने एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर जांच शुरू की, आरोपी का पता लगाया इसके बाद संबंधित बैंक से पत्राचार कर 4450 रुपये की धनराशि वापस कराई।




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