UP State employees can avail mutual transfer for child care; Yogi government issues new transfer policy राज्यकर्मी बच्चों की देखभाल के लिए ले सकेंगे म्यूचुअल ट्रांसफर, योगी सरकार ने नई तबादला नीति जारी की, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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राज्यकर्मी बच्चों की देखभाल के लिए ले सकेंगे म्यूचुअल ट्रांसफर, योगी सरकार ने नई तबादला नीति जारी की

यूपी में बच्चों की देखभाल के लिए राज्यकर्मियों को म्यूचुअल तबादले की सुविधा दी गई है। नई तबादला नीति जारी कर दी है। इसके आधार पर 31 मई तक तबादले किए जा सकेंगे।

Tue, 5 May 2026 09:16 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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राज्यकर्मी बच्चों की देखभाल के लिए ले सकेंगे म्यूचुअल ट्रांसफर, योगी सरकार ने नई तबादला नीति जारी की

UP News: यूपी में योगी सरकार ने बच्चों की देखभाल के लिए राज्यकर्मियों को म्यूचुअल यानी एक-दूसरे की सहमति से तबादले की सुविधा दी है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने मंगलवार को नई तबादला नीति जारी कर दी है। इसके आधार पर 31 मई तक तबादले किए जा सकेंगे।

शासनादेश के मुताबिक, किसी अधिकारी कर्मचारी के व्यक्तिगत कारणों जैसे चिकित्सा या बच्चों की शिक्षा, शासकीय सेवा के दौरान मृत माता-पिता के अवस्यक बच्चों के पालन पोषण, देखभाल आदि के लिए स्थान रिक्त होने पर एक-दूसरे कार्मिकों की सहमति से स्थानांतरण या समायोजन किया जा सकेगा। बशर्ते उस पर कोई प्रशासनिक आपत्ति न हो। पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने पर उन्हें यथासंभव एक ही जिले, शहर स्थान पर स्थानांतिरत किया जाएगा। मंदित बच्चों या पूरी तरह से निशक्त बच्चों के माता-पिता की तैनाती उनके अनुरोध के आधार पर की जाएगी।

स्थानांतरण नीति के दायरे में जिले में तीन और मंडल में सात साल तक नौकरी करने वाले आएंगे। स्थानांतरण नीति के मुताबिक 31 मई की अवधि समाप्त होने के बाद भी प्रशासनिक दृष्टि से जरूरत के अनुसार सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर कभी भी तबादले किए जा सकेंगे। पदोन्नति, सेवा समाप्ति, सेवानिवृत्ति आदि स्थितियों में पद रिक्त होने के बाद उस पर तबादले किए जा सकेंगे। दिव्यांग कार्मिकों को उनके अनुरोध के आधार पर स्थानांतरित किया जाएगा। स्थानांतरित कार्मिकों को तय अवधि में कार्यभार ग्रहण करना होगा, वरना स्वत: कार्यमुक्त मान लिया जाएगा।

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तबादला नीति के दायरे में नौ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी आएंगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। तबादला नीति के दायरे में नौ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी आएंगे। तबादला नीति सचिवालय कर्मियों पर लागू नहीं होगा। एक ही जिले में तीन साल और मंडल में सात साल की सेवा करने वाले समूह ‘क’ व ‘ख’ के अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। इस नीति के आधार पर समूह ‘क’ व ‘ ख’ के अधिकारियों का स्थानांतरण अधिकतम 20% और समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कार्मिकों का 10% की सीमा तक किया जाएगा। समूह ‘ख’ व ‘ग’ के कार्मिकों का स्थानांतरण यथा संभव मेरिट बेस्ड ऑनलाइन सिस्टम के आधार पर किए जाने की व्यवस्था है। विभागों द्वारा प्रशासनिक दृष्टि से पदोन्नति, सीधी भर्ती से नवनियुक्त पत्नी के सरकारी सेवा में होने, मंदित बच्चों, चलने में लाचार, दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की स्थानांतरण विकल्प के आधार पर मनचाहे स्थानों पर किया जाएगा।

प्राथमिकता के आधार पर रिक्त पदों को भरा जाएगा

भारत सरकार द्वारा घोषित प्रदेश के आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में तैनात कार्मिकों को उनके नियंत्रक अधिकारी द्वारा तब तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक उनके स्थान पर किसी दूसरे ने ज्वाइन न कर लिया हो। आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में प्राथमिकता के आधार पर रिक्त पदों को भरा जाएगा। संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले कार्मिकों का तबादला संवेदनशील पदों पर नहीं किया जाएगा। समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। समूह ‘क’ ऐसे अधिकारियों जिनके पद केवल मंडल स्तर पर हैं उन्हें उनके गृह मंडल में तैनात नहीं किया जाएगा।

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