फोन गिरवी रखकर साइबर ठगों को भेजी रकम, परेशान होकर छात्र ने लगाई फांसी
सोनभद्र में बीए अंतिम वर्ष के छात्र ने आत्महत्या कर ली। उसके भाई ने बताया कि उसने अज्ञात खातों में रकम ट्रांसफर की थी। रकम कम पड़ने पर उसने अपना फोन भी गिरवी रखा था। आरोप है कि साइबर ठगों ने छात्र को लूटा है इस कारण उसने आत्महत्या की है।

यूपी के सोनभद्र में एक छात्र ने ठगी होने के बाद आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि साइबर फ्राॅड के शिकार बीए अंतिम वर्ष के छात्र ने बीजपुर के चेतवा के जंगल में पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह उसका शव देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। उसकी पहचान 21 वर्षीय प्रवेश कुमार पुत्र गुलाबचंद निवासी नेमना के रूप में हुई।
भाई सर्वेश कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह शुक्रवार दोपहर तीन बजे घर से फॉर्म भरने की बात कहकर निकला और देर शाम तक नहीं लौटा। उसने आशंका जताई कि साइबर फ्राॅड का शिकार होने के बाद भाई ने यह कदम उठाया होगा। प्रवेश ने करीबी से 4100 और चेतवां स्थित एक होटल संचालक से 1000 रुपये उधार लिए थे। उसने चेतवां बाजार स्थित एक सहज जनसेवा केंद्र से एक अज्ञात खाते में 4100 रुपये ट्रांसफर भी किए थे।
दुकानदारों ने शंका होने पर उससे चेताया था कि वह फ्राॅड का शिकार हो गया है। लेकिन उसने बात नहीं मानी। पैसे कम पड़ने पर अपना मोबाइल फोन भी जनसेवा केन्द्र संचालक के पास गिरवी रख दिया। संचालक से कहा था कि वह शनिवार को मोबाइल ले जाएगा। बीजपुर थाने के उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि भाई की तहरीर पर जांच शुरू कर दी गई है। जनसेवा केंद्र संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
साइबर ठगों ने खाते से उड़ाए 93 हजार
बदायूं में साइबर ठगों ने एक खाताधारक के बैंक खाते से 93 हजार 588 रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर लेनदेन का संदेश आने के बाद पीड़ित को घटना की जानकारी हुई। शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सहसवान कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जहांगीराबाद निवासी अर्जुन लाल पुत्र मुन्नालाल के अनुसार दो जून को उनके मोबाइल पर खाते से 93 हजार 588 रुपये कटने का संदेश आया। संदेश देखकर वह हैरान रह गए और तुरंत बैंक पहुंचकर जानकारी ली।
बैंक से पता चला कि खाते से ऑनलाइन माध्यम से रकम निकाली गई है।इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं किया और न ही किसी अज्ञात व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी दी।अर्जुन लाल ने बताया कि शिकायत लेकर वह सहसवान कोतवाली पहुंचे थे, जहां उन्हें सर्वर की समस्या बताकर इंतजार करने को कहा गया। इसके बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी तो वह बदायूं स्थित साइबर क्राइम थाने पहुंचे और प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग लेनदेन का विवरण जुटाया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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