यूपी के जिले के सिटी मजिस्ट्रेट के सख्त निर्देश, ऐसे प्लाट और जमीन न खरीदें, होगी कार्रवाई
यूपी के सीतापुर जिले के सिटी मजिस्ट्रेट के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही खरीदारों को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके ले-आउट की स्वीकृति की पुष्टि कार्यालय से जरूर कर लें।

UP News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सिटी मजिस्ट्रेट ने जनपद के विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में निर्माण और भूखंड (प्लॉट) की बिक्री के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार के आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक या कार्यालय संबंधी नये निर्माण, पुनर्निर्माण या विस्तार से पहले सक्षम प्राधिकारी से लिखित स्वीकृति लेना अनिवार्य है। वहीं भूखंड विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के अपनी भूमि को छोटे भूखंडों में विभाजित करके न बेचें। साथ ही खरीदारों को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके ले-आउट की स्वीकृति की पुष्टि कार्यालय से जरूर कर लें। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि बिना नक्शा पास कराए किए गए निर्माण के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विनियमित क्षेत्र में आने वाले क्षेत्र
विज्ञप्ति में उन सभी क्षेत्रों की सूची दी गई है जो सीतापुर विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इसमें नगर पालिका परिषद सीतापुर, नगर पालिका परिषद खैराबाद की संपूर्ण सीमाएं और तहसील सीतापुर के 57 ग्राम शामिल हैं। अब्दीपुर, पीतपुर, अमीरनगर, सरैया, प्रतापपुर, खगेशियामऊ, अलीपुर अली रजा, क्लार्क नगर, बरौरा, सलेमपुर, देवगनपुर, दलेलपुर, सिधरिया, दामोदरपुर, रामनगर, धनईखेड़ा, पाठकपुर, इस्माइलपुर, मंसूरपुर, गद्दीपुर, नगरा, सलेमपुर अलीरजा, सीतापुर, सहसापुर, तरीनपुर, भवानीपुर विलियम साहब, अहाता कप्तान, इलसियाग्रांट, लछिमनपुर, खूबपुर, सरैयामलुही, नैपालापुर, हुसैनगंज, बिजवार खुर्द, धनीपुर, कनायतपुर, इसौली, मुलायमपुर, अकबर गंज, अर्जुनपुर, जमैयातपुर, टकपुरवा, कमाल सराय, असोडर, लड्डूपुर, सोहरइया, बाराभारी, ललियापुर, गंगापुर कालिका बक्स, कनवाखेड़ा, बनेहटा, टिकरिया, लालपुर शाहपुर, उमरिया, अकोइया, खपूरा, रस्योरा।
नगर मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय ने बताया कि बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के भूखण्ड विक्रेता अपनी भूमि को छोटे भूखंडों में विभाजित करके न बेचें। वहीं भूखंड खरीदने वालों को सलाह दी गई है कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके ले-आउट की स्वीकृति की पुष्टि कार्यालय से जरूर कर लें। बिना ले आउट स्वीकृति के भूखंड बेचने पर कार्रवाई की जाएगी।




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