अपात्रों को आवास देने वाले ग्राम पंचायत सचिव से होगी रिकवरी, गोंडा DM की सख्ती, BDO पर भी ऐक्शन
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जिलाधिकारी ने सख्त तेवर दिखाए हैं। कहा कि जिन ग्राम पंचायत सचिवों ने आपात्र लाभार्थियों को भुगतान किया है, उनसे धनराशि की रिकवरी की जाएगी। बीडीओ मनु लाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

UP News: उत्तर प्रदेश कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य, पंचायती राज समेत विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा में डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिन ग्राम पंचायत सचिवों ने आपात्र लाभार्थियों को भुगतान किया है, उनसे धनराशि की रिकवरी की जाएगी। वहीं सत्यापन लंबित होने पर संबंधित सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए। छपिया ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की खराब प्रगति पर नाराजगी जताते हुए बीडीओ मनु लाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए
डीएम ने सभी विभागों को समयबद्ध व पारदर्शी कार्य करने के निर्देश देते हुए लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सीएचसी अधीक्षकों के रात्रि निवास न करने पर डीएम ने नाराजगी जताई। वरिष्ठ अधिकारियों को रैंडम चेकिंग कर फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ की ऑनलाइन लाइव लोकेशन के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 10 बजे और दोपहर 3 बजे उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा। आंगनबाड़ी और आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में लंबित आवेदनों के जल्द निस्तारण और मृतक कार्डधारकों की जांच के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यो में रुचि न लेने वाले ग्राम प्रधानों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश
डीएम ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाकर पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाए जाएं। जिलाधिकारी ने विकास विभाग की समीक्षा की। समीक्षा में खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कुछ ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों द्वारा विकास कार्यों में अपेक्षित सहयोग एवं रुचि नहीं ली जा रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिये है कि जनपद के जिन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों द्वारा विकास कार्यों में अपेक्षित सहयोग एवं रुचि नहीं ली जा रही है, उन ग्राम प्रधानों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ 95 (1) जी के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाए।
वित्तीय वर्षवार सूचना तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश
बैठक में मनरेगा योजना की समीक्षा की गई, समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद को निर्देश दिए हैं कि वित्तीय वर्षवार कुल कितनी आईडी ऐसी है जिस पर कोई भी मस्टर रोल जारी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि कुल कितनी आईडी है कि जिस पर शतप्रतिशत भुगतान हो गया है। इसकी वित्तीय वर्षवार सूचना तैयार कर उपलब्ध कराया जाए। बैठक में सीडीओ अंकिता जैन सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




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