यूपी में सीएमओ ऑफिस के बाबुओं ने 1-2 नहीं बल्कि 14 फर्जी प्रमाणपत्र बना दिए, डीएम का तगड़ा ऐक्शन
यूपी के शाहजहांपुर में सीएमओ ऑफिस के बाबुओं ने 1-2 नहीं बल्कि 14 फर्जी प्रमाणपत्र बना दिए। मामले की पुष्टि होते ही डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

UP News: यूपी के शाहजहांपुर जनपद में स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। सौ करोड़ के घोटाले और चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरण के बाद अब सीएमओ कार्यालय में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि कार्यालय में तैनात बाबुओं ने आपस में मिलीभगत कर एक नहीं, बल्कि कई लोगों के फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर दिए। मामले की पुष्टि होते ही डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
मामला मिर्जापुर क्षेत्र के ग्राम मझारा बढ़ऊ से जुड़ा है, जहां संतराम कश्यप की शिकायत पर जांच कराई गई। सीडीओ की जांच आख्या में कई प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए। इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक मिश्रा की रिपोर्ट में सामने आया कि 14 व्यक्तियों के दिव्यांग प्रमाणपत्र बिना मेडिकल बोर्ड की संस्तुति के ही जारी कर दिए गए। हैरानी की बात यह रही कि इन प्रमाणपत्रों का कोई रिकॉर्ड सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि बाबुओं ने कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ मिलकर पूरी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए प्रमाणपत्र जारी किए। इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की आशंका भी जताई गई है। डीएम ने ऐसे सभी फर्जी प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई जाएं
साथ ही डीएम ने डीईआईसी मैनेजर, संबंधित पटल सहायकों और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई जाएं। इसके अलावा संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा नियमित कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
डीएम ने क्या कहा
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाना गंभीर अपराध है। इसमें शामिल किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध लाभ लेने वालों से वसूली भी कराई जाएगी। पारदर्शिता हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।
सीएमओ क्या बोले-
सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा ने बताया कि जांच रिपार्ट बनाकर डीएम को भेजी थी। जिसका संज्ञान लेने के बाद डीएम के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बहुत जल्द एफआईआर दर्ज होगी।




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