एक फोन नंबर से अधिकतम इतने बिजली स्मार्ट मीटर के खाते ही चल सकेंगे, यूपीपीसीएल चेयरमैन ने बताया
एक फोन नंबर से अधिकतम तीन बिजली स्मार्ट मीटर के खाते ही चल सकेंगे। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सोमवार को शक्ति भवन में यह जानकारी दी।
UP News: उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सोमवार को शक्ति भवन में जानकारी दी कि एक फोन नंबर से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के अधिकतम तीन ही खाते जुड़ सकते हैं। उन्होंने एमडी पंकज कुमार के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपने स्मार्ट मीटर खाते का बैलेंस शून्य से ज्यादा रखें ताकि उनके घर की बत्ती न कटे।
नेगेटिव बैलेंस होने पर उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटने की प्रक्रिया के बीच सोमवार को डॉ. गोयल ने कहा कि नेगेटिव बैलेंस पर उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट रहे हैं। रीचार्ज करने के बाद 95 फीसदी से ज्यादा मामलों में वे स्वत: तय समय सीमा में जुड़ जा रहे हैं। कुछ एक मामलों में कम्युनिकेशन गलतियां होने पर इनमें समय लग रहा है।
एमडी पंकज कुमार ने बताया कि हर चरण में उपभोक्ताओं को संदेश भेजा जाता है। वे संदेशों से सजग रहें। डॉ. गोयल ने बताया कि पहले जनसुविधा केंद्र पर आवेदन करते हुए एक ही फोन नंबर से कई कनेक्शन के लिए आवेदन हो जा रहे थे। इसकी वजह से उपभोक्ताओं से कम्युनिकेशन नहीं बन पा रहा था। लिहाजा एक फोन नंबर से तीन कनेक्शन तक ही सीमित किया गया है। नेगेटिव बैलेंस वालों का चरणवार कनेक्शन कटने पर उन्होंने कहा कि यह सिस्टम की डिफॉल्ट सेटिंग है। गौरतलब है कि प्रदेश में 70 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं, जिनमें से तकरीबन 55 लाख के मीटर खाते ऋणात्मक हैं।
स्मार्ट मीटर के दाम बिजली दरों में लेने का प्रस्ताव होगा खारिज
वहीं घरों में बदलकर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का दाम उपभोक्ताओं से बिजली दरों में लेने का प्रस्ताव खारिज होगा। बीते दिनों नियामक आयोग ने बिजली की नई दरों के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के टैरिफ प्रस्ताव पर सुनवाई के दौरान इसके संकेत दिए। पावर कार्पोरेशन ने इस साल लगभग 3800 करोड़ रुपये वसूले जाने का प्रस्ताव दिया है। केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत घरों में लगे पुराने मीटरों की जगह स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। योजना के समय तय किया गया था कि नए मीटर लगाने का खर्च उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। हालांकि, बाद में बिजली की नई दरों के लिए प्रस्ताव देने के बाद पावर कार्पोरेशन ने खर्च की वसूली अप्रत्यक्ष तौर पर बिजली दरों में लेने का प्रस्ताव नियामक आयोग को दे दिया। 9 मार्च से बिजली दरों पर सुनवाई जारी है।




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