UP Rampur Constable wife and innocent son murdered; SP office constable is helping the accused यूपी में सिपाही पत्नी और मासूम बेटे की हत्या करने वाले आरोपी का मददगार है एसपी ऑफिस का कांस्टेबल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी में सिपाही पत्नी और मासूम बेटे की हत्या करने वाले आरोपी का मददगार है एसपी ऑफिस का कांस्टेबल

यूपी के रामपुर में सिपाही पत्नी और मासूम बेटे की हत्या करने वाले आरोपी का मददगार एसपी ऑफिस का कांस्टेबल है।आरोप है कि वह को पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी दान सिंह को दे रहा था।

Sat, 11 April 2026 07:53 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी में सिपाही पत्नी और मासूम बेटे की हत्या करने वाले आरोपी का मददगार है एसपी ऑफिस का कांस्टेबल

UP News: यूपी के रामपुर में अपनी सिपाही पत्नी और दो साल के मासूम बेटे को जिंदा जलाने के आरोपी दान सिंह का मददगार कोई और नहीं, बल्कि श्रावस्ती एसपी कार्यालय में तैनात एक सिपाही है। आरोप है कि वह को पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी दान सिंह को दे रहा था। उसकी मदद से ही दान सिंह पुलिस के घेरे से बचने और पीड़ित परिवार की हर चाल को नाकाम करने की कोशिश कर रहा था।

मृतका लता सिंह के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि रामपुर का रहने वाला सिपाही श्रावस्ती एसपी कार्यालय में तैनात है और दान सिंह का करीबी है। आरोप है कि इसी सिपाही ने दान सिंह की पैठ बड़े अधिकारियों तक कराई थी। लता सिंह और बेटे की हत्या करने के बाद दान सिंह बेखौफ होकर श्रावस्ती गया था और वहां कई लोगों से मिला था। परिजनों का दावा है कि जब वे कार्रवाई के सिलसिले में श्रावस्ती एसपी से मिलने गए, तो इसी सिपाही और उसके साथियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया और वापस लौटा दिया।

साजिश ऐसी कि रूह कांप जाए

बता दें कि 25 फरवरी को दान सिंह ने नैनीताल से लौटते समय अपनी पत्नी लता सिंह (श्रावस्ती में सिपाही थी) और दो साल के बेटे लड्डू को नींद की गोलियां देकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद साजिश के तहत कार को डंपर से टकराया और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। मासूम बेटा कार में जिंदा जल गया, लेकिन जब लता की सांसें चलती मिलीं, तो दान सिंह ने उसे दूसरी कार में डालकर हथौड़ी से वार कर मौत के घाट उतार दिया। इस वहशीपन के पीछे 3 करोड़ रुपये की संपत्ति और पुलिस विभाग से मिलने वाले लाभ का लालच था।

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सिपाही ही बना था दान सिंह का 'मुखबिर'

परिजनों ने बताया कि वे कब एसपी से मिलने जा रहे हैं और क्या कदम उठा रहे हैं, इसकी जानकारी दान सिंह तक तुरंत पहुंच जाती थी। दान सिंह ने फोन पर परिजनों को विरोध जताते हुए यह साबित भी कर दिया था कि पुलिस महकमे के भीतर उसका कोई खास आदमी बैठा है। अब पीड़ित परिवार ने उस मददगार सिपाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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तीन करोड़ और नौकरी के लालच में ली थी जान

जांच में सामने आया था कि दान सिंह ने अपनी सिपाही पत्नी की हत्या इसलिए की ताकि उसे अनुकंपा के आधार पर नौकरी, बीमा की भारी भरकम राशि और करीब 3 करोड़ की संपत्ति मिल सके। इस काम में उसके कुछ रिश्तेदारों ने भी साथ दिया था, जिन्हें पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।

श्रावस्ती एसपी राहुल भाटी ने बतया कि लता सिंह प्रकरण की पूरी जानकारी हमारे पास है। उनका परिवार एसपी कार्यालय आया था, इसकी मुझे व्यक्तिगत जानकारी नहीं मिल पाई। परिवार को पूरी मदद दी जाएगी और जांच की जाएगी कि पुलिस विभाग के भीतर से कौन आरोपी की मदद कर रहा था। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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