यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले महिलाओं को ऐसे साधेगी भाजपा, सरकार और संगठन का ये है प्लान
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले महिलाओं को भाजपा साधेगी। मोदी सरकार से लेकर पार्टी संगठन तक इस काम में जुटेंगे। पार्टी इसे लेकर प्रदेश के हर जिले में कार्यक्रम करेगी

UP News: ;यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी दलों ने तैयारियों शुरू कर दी है। राजनीतिक पार्टियों ने ताकत झोंकना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा आधी आबादी को साधने की मुहिम शुरू करेगी। मोदी सरकार से लेकर पार्टी संगठन तक इस काम में जुटेंगे। पार्टी इसे लेकर प्रदेश के हर जिले में कार्यक्रम करेगी। महिला हित में सरकार द्वारा लिए गए फैसले गिनाए जाएंगे। वहीं पंचायतों की तर्ज पर देश की सर्वोच्च पंचायत में भागीदारी सुनिश्चित होने की जानकारी भी दी जाएगी। इन कार्यक्रमों के लिए पार्टी ने जिलों में संयोजक भी नियुक्त कर दिए हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को वरिष्ठ भाजपा नेत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य ने देश के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णय बताया। शनिवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में सशक्त भागीदार और निर्णयकर्ता बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा लाया गया यह कानून देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान और अधिकारों का राष्ट्रीय संकल्प है। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला यह संवैधानिक संशोधन लोकतंत्र को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाएगा।
पंचायत मॉडल संसद-विधानसभाओं में होगा लागू
उन्होंने कहा कि भारत में महिलाएं मतदान और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रही हैं, लेकिन राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने बताया कि वैश्विक और भारतीय अनुभव यह दर्शाते हैं कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं तो नीतियां अधिक संवेदनशील बनती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुले, बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उन्हें मिला। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लगभग 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व यह दर्शाता है कि महिलाओं को अवसर मिलने पर वे प्रभावी नेतृत्व प्रदान करती हैं। अब यही मॉडल संसद और विधानसभाओं में लागू होगा। इस अवसर पर महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय एवं महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री ममता पाण्डेय भी उपस्थित रहीं।




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