सिपाही पत्नी और बेटे के हत्यारोपी पति के 'मृतक आश्रित' लाभ पर रोक, नॉमिनी सुविधाएं भी होंगी फ्रीज
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया तो सामने आया कि पति ने नैनीताल से वापस आते समय बेटे और पत्नी को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। उसने अपनी गाड़ी का एक हिस्सा खुद ही डंपर से टकरा दिया ताकि लगे कि हादसा हुआ है। फिर मौका पाकर अपने साथियों की मदद से पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगा दी।

उत्तर प्रदेश के रामपुर के गंज थाना क्षेत्र में 25 फरवरी को हुए कार हादसे की साजिश रचकर सिपाही पत्नी और दो साल के मासूम बेटे की जिंदा जलाकर हत्या के मामले में आरोपी पति की घेराबंदी पुलिस ने और तेज कर दी है। आरोपी ने आर्थिक लाभ और पुलिस विभाग से मिलने वाली सुविधाओं के लालच में इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। अब पुलिस ने मृतक आश्रित में मिलने वाले लाभ को रोकने के लिए मंगलवार को श्रावस्ती पुलिस को पत्र भेजा है। जिसमें बैंक खाते में नॉमिनी में आरोपी के नाम और अन्य मृत कोटे से मिलने वाली सुविधाओं पर रोक लगाने की बात कही है। साथ ही पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी दी है।
मिलक के ग्राम बेहतरा निवासी दान सिंह अपनी पत्नी लता सिंह, दो साल के बेटे लड्डू और मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जमापुर निवासी अपने रिश्तेदार रवि कुमार के साथ 25 फरवरी को नैनीताल घूमने गए थे। लता सिंह यूपी पुलिस में सिपाही थी और उसकी पोस्टिंग श्रावस्ती जिले में थी। 25 फरवरी की रात कार दान सिंह चला रहा था। उस वक्त दावा किया गया था कि काशीपुर गांव से निकलते ही एक डंपर ने कार को साइड से टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद तुरंत कार में आग लग गई थी। देखते-देखते कार धू-धूकर जल उठी थी। दान सिंह और रवि तो किसी तरह से कूद गए लेकिन लता और उसका बेटा लड्डू कार में फंस गए थे। हादसे में लड्डू की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि लता गंभीर रूप से झुलस गई थी। परिजन उसे बरेली ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि लता की भी मौत हो गई थी।
इस मामले में गंज कोतवाली में अज्ञात डंपर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मगर बाद में पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया तो सामने आया कि पति ने नैनीताल से वापस आते समय बेटे और पत्नी को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद अपनी गाड़ी का एक हिस्सा खुद ही डंपर से टकरा दिया ताकि लगे कि हादसा हुआ है। फिर चाकू चौराहे पर मौका पाकर अपने साथियों की मदद से पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगा दी और खुद रिश्तेदार के साथ कार से कूद गया। इस साजिश में बच्चा तो जिंदा कार में जल गया लेकिन महिला सिपाही किसी तरह से बच गई। जिस पर अस्पताल ले जाने के बहाने पति ने महिला को दूसरी कार में लिटाया और हथौड़ी से वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
इस हत्याकांड का खुलासा करने के दौरान समाने आया था कि तीन करोड़ रुपए और पुलिस विभाग से मिलने वाले लाभ के चक्कर में दोनों की हत्या की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने पति समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। अब पुलिस ने मृतक कोटे से मिलने वाले लाभ और बैंक खाते में दर्ज नॉमिनी में आरोपी के नाम को मिलने वाले लाभ को रोकने के लिए पत्र भेजा है। इसके साथ ही पुलिस ने पूरा घटनाक्रम भी बताया है। गंज थाना प्रभारी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि श्रवास्ती पुलिस से पत्राचार किया गया है। जिससे वह कार्रवाई कर सकें।




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