up police si exam controversy pandit option dispute recruitment board investigation news दारोगा परीक्षा में ‘पंडित’ विवाद पर सीएम योगी सख्त, सभी भर्ती बोर्ड आयोग अध्यक्षों को यह निर्देश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

दारोगा परीक्षा में ‘पंडित’ विवाद पर सीएम योगी सख्त, सभी भर्ती बोर्ड आयोग अध्यक्षों को यह निर्देश

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में 'पंडित' विवाद के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्ड को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने पेपर सेटर्स के लिए नए नियम तय करने, विवादित प्रश्न पूछने वालों को ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध (MoU) में गरिमा बनाए रखने की शर्त जोड़ने का आदेश दिया है।

Sun, 15 March 2026 10:23 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
share
दारोगा परीक्षा में ‘पंडित’ विवाद पर सीएम योगी सख्त, सभी भर्ती बोर्ड आयोग अध्यक्षों को यह निर्देश

UP Police Bharti: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान 'पंडित' शब्द को लेकर उपजे विवाद ने अब शासन स्तर पर बड़ी हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में ब्राह्मण समाज और राजनीतिक हलकों से आई तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी भर्ती बोर्ड के अध्यक्षों (Chairpersons) को कड़े लहजे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में जाति, धर्म या संप्रदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी कृत्य अक्षम्य होगा।

किसी की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था के विषय में कोई भी अमर्यादित टिप्पणी प्रश्नपत्रों में न की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी वर्गों के सम्मान और समानता के सिद्धांत पर चलती है, इसलिए प्रश्नपत्र तैयार करते समय शब्दावली का चयन अत्यंत सावधानी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पंडित विवाद में विधायक पीएन पाठक की एंट्री, आधी रात योगी से की यह अपील

पेपर सेटर्स पर कसेगा शिकंजा

सीएम योगी ने केवल बोर्ड अध्यक्षों को ही नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली बाहरी एजेंसियों और 'पेपर सेटर्स' के लिए भी सख्त नियम तय करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी पेपर सेटर्स को तत्काल प्रभाव से निर्देशित किया जाए कि वे किसी भी विवादित या जातिसूचक शब्दों का प्रयोग न करें।

एमओयू (MoU) में बदलाव

अब से प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसियों के साथ होने वाले अनुबंध (MoU) में यह अनिवार्य शर्त होगी कि वे किसी की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाएंगे। इसका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। 'हैबिचुअल ऑफेंडर्स' (आदतन गलती करने वाले या शरारती तत्व) को चिह्नित कर उन्हें तत्काल प्रतिबंधित और ब्लैकलिस्ट करने का भी निर्देश दिया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दारोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' पर संग्राम, एक्शन में भर्ती बोर्ड, जांच के आदेश

पारदर्शिता और विश्वास बहाली की कोशिश

मुख्यमंत्री का यह सख्त रुख उस समय आया है जब भाजपा के अपने ही विधायकों ने भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को चेताया है कि सरकार की छवि एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन की है, और किसी भी अधिकारी की लापरवाही से इसे धूमिल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भर्ती बोर्ड को आदेश दिया है कि वे प्रश्नपत्रों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाएं ताकि छात्रों के बीच सरकार और प्रशासन का विश्वास बना रहे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईद पर काले कपड़े पहनें, नमाज में काली पट्टी बांधें, आजम खान की जेल से अपील

गौरतलब है कि दारोगा भर्ती परीक्षा के पहले दिन शनिवार को हिंदी के प्रश्नपत्र में जिस सवाल का जवाब अवसरवादी होना चाहिए, उसका विकल्प पंडित भी देने से आक्रोश फैल गया था। सबसे पहले यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसे गलत बताते हुए जांच कर एक्शन की बात कही। इसके बाद भाजपा के कई ब्राह्मण विधायकों ने एक के बाद एक सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result, UP Board 10th Result, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।