ब्राह्मण विधायकों को पार्टी देने वाले पीएन पाठक की पंडित विवाद में एंट्री, आधी रात योगी से की यह अपील
भाजपा विधायक पीएन पाठक ने पुलिस भर्ती बोर्ड के 'पंडित' विवाद में एंट्री लेते हुए आधी रात को सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया। उन्होंने भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष सहित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

UP Police SI Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर से ही तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही है। ब्राह्मण राजनीति में अपनी सक्रियता के लिए जाने जाने वाले और पिछले दिनों बाटी-चोखा की पार्टी देकर प्रदेश नेतृत्व के निशाने पर आए भाजपा विधायक पीएन पाठक ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शनिवार और रविवार की आधी रात ट्वीट कर सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप और भर्ती बोर्ड के बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आधी रात को विधायक का 'डिजिटल प्रहार'
विधायक पीएन पाठक का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, "मैं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह करता हूं कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष सहित इस मामले से जुड़े अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए।" पाठक ने अपने ट्वीट में साफ तौर पर भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष को भी जांच के दायरे में लाने की बात कही है। इसने कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
'जानबूझकर रची गई साजिश' का अंदेशा
पीएन पाठक ने सवाल उठाया कि यदि SI भर्ती परीक्षा में ऐसा कोई प्रश्न जानबूझकर पूछा गया है, जिससे किसी खास वर्ग को लक्षित करने या अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने आगे लिखा कि सरकार की छवि जनता के बीच निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील होनी चाहिए। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आम जनता का विश्वास सरकार पर बना रहे।
ब्राह्मण लॉबी की नाराजगी और सरकार पर दबाव
गौरतलब है कि पीएन पाठक वही विधायक हैं जो अक्सर ब्राह्मण समाज को लेकर मुखर रहते हैं। उनके इस ट्वीट ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत भाजपा के कई ब्राह्मण विधायकों ने इसे लेकर नाराजागी जताई तो पीएन पाठक भी पीछे नहीं रहना चाहते थे। ऐसे में मामला सामने आने के घंटों बाद ही सही आधी रात उन्होंने यह ट्वीट करके अपने समाज के साथ खड़े होने का साफ संकेत दिया है। दारोगा भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न ने ऐसे समय सत्ताधारी दल को असहज कर दिया है, जब मुख्य विपक्षी पार्टी सपा सरकार पर जाति को लेकर निशाना साधती रहती है।




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