up police si exam controversy pandit option dispute recruitment board investigation news दारोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' पर संग्राम, एक्शन में पुलिस भर्ती बोर्ड, जांच के आदेश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

दारोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' पर संग्राम, एक्शन में पुलिस भर्ती बोर्ड, जांच के आदेश

यूपी दारोगा भर्ती परीक्षा 2026 में 'पंडित' शब्द को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे समाज की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला बताया और जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र गोपनीय संस्थाएं तैयार करती हैं, जिनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Sun, 15 March 2026 06:37 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
share
दारोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' पर संग्राम, एक्शन में पुलिस भर्ती बोर्ड, जांच के आदेश

UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक (SI) नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 के पहले ही दिन एक विवादास्पद प्रश्न को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। भर्ती बोर्ड ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों को लेकर सफाई दी है। इसके साथ ही जांच का आदेश देते हुए दोषी पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। शनिवार को पहली पाली की परीक्षा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाले’ (अवसरवादी) विकल्प के तौर पर ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया। इसके सोशल मीडिया पर वायरल होते ही ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ा संज्ञान लेते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।

भर्ती बोर्ड की सफाई: 'हम नहीं देखते प्रश्नपत्र'

विवाद बढ़ता देख पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने देर रात स्पष्टीकरण जारी किया। बोर्ड का कहना है कि प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं किए जाते, बल्कि यह कार्य 'अतिगोपनीय संस्थाओं' (एक्सटर्नल एजेंसियां) को सौंपा जाता है। परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए बोर्ड का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी प्रश्नपत्रों का पहले से अवलोकन नहीं करता। सील्ड पैकेट सीधे परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के सामने ही खोले जाते हैं। हालांकि, बोर्ड ने माना कि यह गंभीर त्रुटि है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:संभल में फिर गरजा बुलडोजर, रास्ते पर बनी अवैध मजार को प्रशासन ने हटवाया

डिप्टी सीएम और विधायकों ने जताई कड़ी आपत्ति

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले पर तीखी नाराजगी जताते हुए अपने 'एक्स' (ट्विटर) हैंडल पर लिखा, "किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। सरकार ने इसका गंभीरता से संज्ञान लिया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जाति या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों के प्रयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं, जौनपुर के बदलापुर से भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्र और भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। विधायक ने पत्र में लिखा कि 'पंडित' शब्द विद्वत्ता और धार्मिक सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ (अवसरवादिता) से जोड़ना एक गहरी साजिश और बेहद असंवेदनशील कृत्य है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी विधानसभा चुनाव में मोबाइल फोन को लेकर मिलेगी बड़ी राहत, आयोग ने दी खुशखबरी
ये भी पढ़ें:सिलेंडर बना धुरंधर, सोशल मीडिया पर मीम के जरिए इन्फ्लुएंसर ने आपदा में खोजा अवसर

जांच के घेरे में प्रश्नपत्र सेट करने वाली संस्था

अखिल भारत हिंदू महासभा समेत कई संगठनों ने भी इस पर विरोध दर्ज कराया है। भर्ती बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि यह प्रश्न जानबूझकर डाला गया था या यह कोई तकनीकी चूक थी। जांचोपरांत संबंधित संस्था या जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 14 मार्च की प्रथम पाली के इस संदर्भित प्रश्न को लेकर बोर्ड अब विशेषज्ञों की राय ले रहा है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result, UP Board 10th Result, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।