यूपी पंचायत चुनाव: गांवों में अब प्रशासक बैठाए जाने का ही रास्ता बचा है क्या? ये मांगें हुईं तेज
UP Panchayat Elections: यूपी के गांवों में अब प्रशासक बैठाए जाने का ही रास्ता बचा है क्या? उत्तर प्रदेश में 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में अब प्रधानों को ही प्रशासक बनाने की मांग तेज हो गई है।

UP Panchayat Elections: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न होने के कारण अब प्रशासक बैठाए जाने का ही रास्ता बचा है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में अब प्रधानों को ही प्रशासक बनाने की मांग तेज हो गई है। दूसरे राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तराखंड की तर्ज पर इसे करने की मांग उठाई जा रही है। दूसरी ओर बिना वित्तीय अधिकार दिए प्रशासक समिति के हाथ बागडोर देने की तैयारी है।
ग्राम प्रधानों के बाद 11 जुलाई को जिला पंचायतों व 19 जुलाई को क्षेत्र पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। ऐसे में अब प्रशासक समिति के माध्यम से चुने हुए इन प्रतिनिधियों को ही प्रशासक बनाए जाने की मांग तेज हो गई है। अभी तक प्रशासक के रूप में अधिकारियों को चार्ज दिया जाता था और वह छह महीने या चुनाव होने तक वह प्रशासक बने रहते थे। यही नहीं चुनाव में देर होने पर कार्यकाल बढ़ाने का भी प्राविधान है।
दोनों संगठनों ने पहले ही अपना मांग पत्र सौंप रखा
ब्लॉक प्रमुख संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह और प्रधान संघ के अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय की ओर से इस मामले में अपनी मांग केंद्र सरकार तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ब्लॉक प्रमुख संघ के पदाधिकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिल कर अपनी मांग रखेंगे। यूपी में पंचायती राज विभाग को इन दोनों संगठनों ने पहले ही अपना मांग पत्र सौंप रखा है। मालूम हो कि पंचायत चुनाव भले ही समय पर होना मुश्किल है लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 26 मई को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा। अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं किया गया है।
हाईटेक व्यवस्था की तैयारी
वहीं इस बार पंचायत चुनाव के लिए व्यवस्था में हाईटेक हो रही है। इस बार होने उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों की रियल टाइम मानीटरिंग हो सकेगी। फर्जी मतदान रोकने के साथ ही सॉफ्टवेयर की मदद से वोटिंग का रियल टाइम डाटा भी मिल सकेगा। स्टेट कंट्रोल रूम में मतदान प्रतिशत अपडेट होता रहेगा। ऑनलाइन यह भी पता चल सकेगा कि किस मतदान केंद्र पर पहला वोट कितनी बजे पड़ा। जरूरी जानकारियां मिल सकेंगी। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव को पारदर्शी व हाईटेक बनाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। एक वोटर दो बार वोट न डाल सके इसकी पुख्ता व्यवस्था करने के साथ ही मतदान केंद्रों पर कंट्रोल रूम से सीधे नजर रहेगी।




साइन इन