यूपी पंचायत चुनाव: मतदान की रियल टाइम मानीटरिंग होगी; कहां कितनी वोटिंग, अपडेट मिलेगा
यूपी पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों की रियल टाइम मानीटरिंग होगी। स्टेट कंट्रोल रूम में मतदान प्रतिशत अपडेट होता रहेगा। ऑनलाइन यह भी पता चल सकेगा कि किस मतदान केंद्र पर पहला वोट कितनी बजे पड़ा।

UP Panchayat elections news: यूपी पंचायत चुनाव के लिए व्यवस्था में हाईटेक हो रही है। इस बार होने उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों की रियल टाइम मानीटरिंग हो सकेगी। फर्जी मतदान रोकने के साथ ही सॉफ्टवेयर की मदद से वोटिंग का रियल टाइम डाटा भी मिल सकेगा। स्टेट कंट्रोल रूम में मतदान प्रतिशत अपडेट होता रहेगा। ऑनलाइन यह भी पता चल सकेगा कि किस मतदान केंद्र पर पहला वोट कितनी बजे पड़ा। जरूरी जानकारियां मिल सकेंगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव को पारदर्शी व हाईटेक बनाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। एक वोटर दो बार वोट न डाल सके इसकी पुख्ता व्यवस्था करने के साथ ही मतदान केंद्रों पर कंट्रोल रूम से सीधे नजर रहेगी। मतदान केंद्र पर कुल कितने वोट पड़ने हैं, कितनी महिलाएं और कितने पुरुष वोटर हैं, यह सभी कुछ ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। सारी डिटेल मिलती रहेगी। कंट्रोल रूम में सॉफ्टवेयर की मदद से यह पता चलेगा कि कितने बजे तक कितने वोट पड़े। वोट डालने वालों में कितने पुरुष और कितनी महिलाएं हैं, यह सब रियल टाइम डाटा पता चल सकेगा।
मतदान कर्मी के पास मोबाइल पर अपलोड होगा पंचायत चुनाव ऐप
पोलिंग सेंटर पर मतदान कर्मी के पास जो मोबाइल फोन होगा उस पर पंचायत चुनाव का ऐप अपलोड किया जाएगा। जिस पर मतदान केंद्र की वोटर लिस्ट होगी। मतदाता जैसे ही वोट डालने पहुंचेगा उसके स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) के अंतिम चार अंक मतदान कर्मी मोबाइल पर डालेगा और उसका पूरा ब्योरा खुल जाएगा। उसकी फोटो का मिलान कर उसके वोट डालने का डाटा अपडेट कर दिया जाएगा। अब अगर वह दूसरे मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचेगा तो एसवीएन डालते ही पता चल जाएगा कि वह पहले वोट डाल चुका है।
मतदान खत्म होते ही वोट प्रतिशत भी आसानी से पता चल सकेगा
फिलहाल डाटा के रियल टाइम अपडेट होने से मतदान खत्म होते ही वोट प्रतिशत भी आसानी से पता चल सकेगा। प्रतिशत के लिए जिलों से आंकड़े अपडेट होने का इंतजार नहीं करना होगा। पंचायत चुनाव में यह प्रयोग सफल होने पर आगे नगर निकाय चुनावों में भी इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जा सकता है। पंचायत चुनाव भले ही समय पर होना मुश्किल है लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 26 मई को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा। अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं किया गया है।




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