पंचायत चुनाव तक बढ़ाया जाए सबका कार्यकाल, मंत्री के सामने उठी मांग; क्या बोले ओपी राजभर?
लखनऊ में पंचायती राज विभाग की कार्यशाला में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों ने चुनाव तक कार्यकाल बढ़ाने और प्रशासक बनाए जाने की मांग की। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सीएम योगी के सामने मांग रखने का आश्वासन दिया और कहा कि 30 अप्रैल को कोर्ट की सुनवाई के बाद ही चुनाव पर फैसला होगा।

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित पंचायती राज विभाग की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब प्रदेशभर से आए क्षेत्र पंचायत प्रमुखों ने सामूहिक रूप से अपने कार्यकाल को विस्तार देने की मांग बुलंद की। राजधानी के योजना भवन में आयोजित इस सम्मेलन में प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार की उपस्थिति में पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी दलीलें रखीं।
कार्यकाल विस्तार और प्रशासक समिति पर जोर
कार्यशाला के दौरान क्षेत्र पंचायत प्रमुखों ने तर्क दिया कि विभिन्न तकनीकी और कानूनी कारणों से पंचायत चुनाव समय पर संपन्न होने में देरी हो रही है। ऐसी स्थिति में, विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल आगामी चुनावों तक बढ़ाया जाए।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि यदि चुनाव में देरी होती है, तो प्रशासक की नियुक्ति के बजाय 'प्रशासक समिति' के माध्यम से वर्तमान प्रमुखों को ही कार्यपालक प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उनका कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधि जमीन से जुड़े होते हैं और अधिकारियों की तुलना में जनता की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं, इसलिए प्रशासक के रूप में उनकी भूमिका अधिक प्रभावी होगी।
कैबिनेट मंत्री राजभर का रुख: कोर्ट के फैसले का इंतजार
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों को सुना और मीडिया से बातचीत में चुनाव की स्थिति स्पष्ट की। राजभर ने कहा कि सरकार चुनाव टालने के पक्ष में नहीं है, लेकिन वर्तमान में पंचायत चुनाव का मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
ओपी राजभर ने कहा कि चुनाव की तैयारियों में कोई कमी नहीं है। कोर्ट में 30 अप्रैल की तारीख लगी है। जैसे ही न्यायालय का आदेश प्राप्त होगा, उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।
राजभर ने कहा कि हम आपका कार्यकाल बढ़ाने के समर्थक हैं। आपकी मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्ताव बनाकर रखेंगे। इसके साथ ही कहा कि ब्लाक प्रमुख की निधि बढ़ाकर 15 लाख करेंगे ।
विपक्षी दलों पर निशाना: गाजीपुर मामले पर तीखी प्रतिक्रिया
कार्यशाला से इतर, कैबिनेट मंत्री राजभर ने राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। गाजीपुर में हालिया तनाव और राजनीतिक गहमागहमी पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा प्रहार किया। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गाजीपुर का दौरा कर वहां का माहौल खराब करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास के बजाय केवल तुष्टीकरण और अराजकता की राजनीति कर रहा है।
निष्कर्ष और प्रशासनिक स्थिति
प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने सम्मेलन में विभाग की प्राथमिकताओं और तकनीकी सुधारों पर जानकारी दी। हालांकि, कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग पर सरकार ने फिलहाल कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया है। जानकारों का मानना है कि 30 अप्रैल को होने वाली कोर्ट की सुनवाई ही तय करेगी कि यूपी में पंचायतों का भविष्य क्या होगा और क्या प्रतिनिधियों को 'बोनस' कार्यकाल मिलेगा या जिलों में प्रशासकों का राज होगा।




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