up panchayat election 2026 process fast track allahabad high court deadline voting update यूपी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अब पकड़ेगी रफ्तार? हाईकोर्ट की सख्ती को लेकर क्या उम्मीद, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अब पकड़ेगी रफ्तार? हाईकोर्ट की सख्ती को लेकर क्या उम्मीद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार और चुनाव आयोग से पूछा है कि क्या 26 मई 2026 तक पंचायत चुनाव संपन्न हो पाएंगे। कोर्ट ने 25 मार्च तक विस्तृत कार्यक्रम मांगा है। दूसरी ओर, पंचायती राज मंत्री समय पर चुनाव का दावा कर रहे हैं और जिलों में मतपत्रों की डिलीवरी शुरू कर दी गई है।

Wed, 18 March 2026 01:03 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अब पकड़ेगी रफ्तार? हाईकोर्ट की सख्ती को लेकर क्या उम्मीद

UP Panchayat Chunav: यूपी पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को कड़ा निर्देश देते हुए पूछा है कि क्या पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि संवैधानिक मर्यादाओं के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल किसी भी स्थिति में पांच वर्ष की अवधि से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इस निर्देश के बाद चुनाव पर छाए संशय के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई के शुरुआती हफ्तों में उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र के सबसे छोटे स्तर 'पंचायत' के महापर्व की शुरुआत हो जाएगी।

संविधान के अनुच्छेद 243-E का हवाला

अदालत ने इम्तियाज हुसैन की याचिका पर सुनवाई करते हुए भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-E का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि पंचायतों का कार्यकाल उनकी पहली बैठक से पांच वर्ष के लिए होता है। उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी, जिसका अर्थ है कि इनका कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। याची का तर्क था कि राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीखों में बार-बार संशोधन किया है। जो पहले दिसंबर 2025 में पूरी होनी थी, उसे बढ़ाकर अब 15 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। ऐसे में मतदाता सूची फाइनल होने के बाद आरक्षण की प्रक्रिया में लगने वाला समय चुनाव को समय पर होने से रोक सकता है।

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पंचायती राज मंत्री का दावा और चुनावी तैयारियां

एक ओर जहां कानूनी पेच फंसा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री लगातार यह दावा कर रहे हैं कि चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे। सरकार की मंशा चुनाव को टालने की बिल्कुल नहीं है। इसका प्रमाण जिलों में चल रही प्रशासनिक हलचल से मिलता है। सूत्रों के अनुसार, मतपत्रों (Ballot Papers) की छपाई का काम युद्धस्तर पर जारी है और कई जिलों में मतपत्र पहुंचाए भी जा चुके हैं। प्रशासन ने मतदान पेटियों (Ballot Boxes) के रख-रखाव और पोलिंग बूथों के चिन्हीकरण का काम भी शुरू कर दिया है।

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कोर्ट ने मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। आयोग को यह बताना होगा कि क्या 15 अप्रैल को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद 26 मई 2026 तक मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराना संभव है। कोर्ट ने अपेक्षा की है कि अगली सुनवाई की तिथि 25 मार्च 2026 तक विस्तृत ब्योरा रिकॉर्ड पर लाया जाए। साथ ही, महाधिवक्ता या अपर महाधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।

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