up panchayat election bareilly gram pradhan corruption complaints investigation fake groupism up news पंचायत चुनाव से पहले गांवों में गुटबाजी हावी, प्रधानों के खिलाफ शिकायती अस्त्र का खेल तेज, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

पंचायत चुनाव से पहले गांवों में गुटबाजी हावी, प्रधानों के खिलाफ शिकायती अस्त्र का खेल तेज

यूपी में पंचायत चुनाव से पहले ग्राम प्रधानों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की बाढ़ आ गई है। जिला पंचायत राज विभाग की जांच में ज्यादातर आरोप झूठे पाए गए हैं और प्रधानों को क्लीन चिट दे दी गई है। 

Tue, 7 April 2026 12:06 PMYogesh Yadav बरेली, वरिष्ठ संवाददाता
share
पंचायत चुनाव से पहले गांवों में गुटबाजी हावी, प्रधानों के खिलाफ शिकायती अस्त्र का खेल तेज

UP News: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आहट अभी दूर है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में सियासी बिसात बिछनी काफी समय पहले से शुरू हो गई है। गांवों में चुनावी गुटबंदी इस कदर हावी है कि मौजूदा ग्राम प्रधानों को घेरने के लिए भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की झड़ी लगा दी गई है। हालांकि, जिला प्रशासन की जांच में इन शिकायतों की हवा निकलती नजर आ रही है। बरेली में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) कार्यालय में हुई हालिया जांचों में 35 ग्राम प्रधानों पर लगे गंभीर आरोप पूरी तरह निराधार पाए गए हैं।

चुनावी रंजिश और 'शिकायती अस्त्र' का खेल

जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आता है, गांवों में विपक्षी खेमे सक्रिय हो जाते हैं। बरेली में भी यही देखने को मिल रहा है, जहां विकास कार्यों में धांधली और पंचायत निधि के दुरुपयोग की शिकायतों के माध्यम से प्रधानों की घेराबंदी की जा रही है। अधिकारियों के पास पहुंच रही शिकायतों में मुख्य रूप से नाली-खड़ंजा निर्माण में घटिया सामग्री, शौचालय आवंटन में गड़बड़ी और मनरेगा के बजट में हेरफेर जैसे आरोप शामिल थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी पंचायत चुनाव विधानसभा के बाद होंगे, योगी के कैबिनेट मंत्री ने भी मान लिया

35 प्रधानों को मिली क्लीन चिट

पंचायती राज विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच अधिकारियों ने मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया और वित्तीय अभिलेखों (वाउचर, एमबी और बैंक स्टेटमेंट) का मिलान किया। डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार, अब तक 35 मौजूदा ग्राम प्रधानों और एक पूर्व प्रधान के खिलाफ हुई शिकायतों की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में पाया गया कि शिकायतें केवल निजी रंजिश और राजनीतिक द्वेष के चलते की गई थीं। तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर इन सभी प्रधानों को क्लीन चिट दे दी गई है।

अभी इन 9 मामलों पर टिकी हैं निगाहें

भले ही बड़ी संख्या में शिकायतें झूठी निकली हों, लेकिन विभाग अभी भी आठ मौजूदा और एक पूर्व प्रधान के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच कर रहा है। इन मामलों में सुकटिया के पूर्व प्रधान ओमप्रकाश, मधुनगला के अनमोल, सुंदरी की सुनीता देवी, मटकापुर के राजकुमार, भौआ बाजार के जुल्फिकार खां, स्वाले मुजाहिदपुर की फराबी, हरेली अलीपुर के जोगिंदर, मस्तीपुर के जयदेव कुमार और डंडिया नवाजिस अली के कालीचरन शामिल हैं। इन गांवों में दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लखनऊ एयरपोर्ट से अयोध्या, काशी, प्रयागराज समेत छह धामों के लिए सीधी बस सेवा
ये भी पढ़ें:यूपी की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का चिराग की पार्टी का ऐलान, किसकी बढ़ेगी टेंशन

प्रशासन की चेतावनी

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन चुनावी लाभ के लिए प्रशासन का समय बर्बाद करने वाली झूठी शिकायतों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि शिकायत केवल परेशान करने के उद्देश्य से की गई थी, तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल, इन क्लीन चिटों से राहत पाकर प्रधानों ने राहत की सांस ली है, लेकिन ग्रामीण गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।