पाकिस्तानी आतंकी अबु बकर के लिए स्लीपर सेल की तरह बी-टीम भी कर रही काम, ATS का बड़ा खुलासा
यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी अबू बकर के 'बी-टीम' मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। मेरठ और गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार चार संदिग्धों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आईएसआई से जुड़ा अबू बकर हिंदू युवकों को पैसे का लालच देकर स्लीपर सेल बना रहा था।

UP News: एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी अबू बकर के लिए काम करने वाले मेरठ, गौतमबुद्धनगर के चार युवकों को गिरफ्तार कर आतंकी साजिश का खुलासा किया था। वहीं, जांच के दौरान ये भी खुलासा हुआ कि अबू बकर के लिए स्लीपर सेल की तरह बी-टीम भी काम कर रही है। इसी बी-टीम ने कुछ लोकेशन अबू बकर को मोबाइल पर साझा की थीं। एटीएस अब इस बी-टीम के सदस्यों की तलाश में लगी है। दूसरी टीम ने भी संवेदनशील जानकारी के अलावा कुछ सैन्य क्षेत्र की रेकी का काम किया था, जिसे लेकर इनपुट मिला है। ऐसे में एटीएस और बाकी खुफिया एजेंसी अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं।
एटीएस ने लखनऊ में चार संदिग्ध आतंकी साकिब और अरबाब निवासीगण अगवानपुर-मेरठ और छपरौला-गौतमबुद्धनगर निवासी विकास एवं लोकेश को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने कई रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक की रेकी की थी। उनकी रेलवे के सिग्नल बॉक्स को निशाना बनाने की प्लानिंग की थी। इस खुलासे के साथ ही बकर का नाम सामने आया, जो आईएसआई से जुड़ा है।
अबू बकर ने दिल्ली-एनसीआर समेत वेस्ट यूपी में कई जगह की कार्डिनेट्स लोकेशन सोशल मीडिया पर साकिब को साझा की थी। इन जगहों पर रेकी करने और 12 से ज्यादा कार शोरूम में आग लगाने की वारदात करने का टास्क दिया गया था। इनमें से दो शोरूम में मेरठ के भी बताए गए हैं।
स्लीपर सेल की तरह काम
पाक आतंकी अबू बकर ने साकिब और उसके साथियों को स्लीपर सेल की तरह काम पर लगाया हुआ था। रेकी कराने से लेकर तमाम वारदात को गुपचुप तरीके से अंजाम दिलाने की साजिश की जा रही थी। किसी को शक न हो, इसलिए हिंदू युवकों को भी पैसा देने का लालच देकर साथ मिलाया जा रहा था। यही कारण है कि लोकेश और विकास को भी गैंग में मिलाया गया और काफी पैसा भी दिया। इस पूरे नेटवर्क की धरपकड़ के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। एटीएस ने साकिब के मोबाइल की जांच की है। वेस्ट यूपी में हिंदू नेताओं और आरएसएस पदाधिकारियों की टारगेट किलिंग से लेकर यहां पर सांप्रदायिक माहौल भड़का कर दंगा कराने कही साजिश भी रची जा रही थी।
महिला कमांडर से होनी थी साकिब की मुलाकात
अबू बकर ने साकिब को बताया था कि उन्होंने लखनऊ में आतंकी वारदात को अंजाम दिया तो इसके बाद बड़ा इनाम दिया जाएगा। साथ ही आगे की प्लानिंग के लिए महिला कमांडर को साकिब का नंबर देने की बात कही गई थी। साकिब और साथियों को लखनऊ में वारदात करने के बाद महाराष्ट्र या हैदराबाद में फरार होने का निर्देश भी दिया था। बताया था कि वहीं पर सब मदद की जाएगी। हालांकि इससे पहले ही एटीएस टीम ने इन संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी कर ली।
मॉल, बिल्डिंग और शोरूम में आग लगाने के लिए किस तरह का विस्फोटक या केमिकल आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किया जाना था, इसकी जानकारी की जा रही है। पता किया जा रहा है कि इस गैंग से कोई केमिकल एक्सपर्ट तो नहीं जुड़ा, जिसका नाम अभी तक सामने नहीं आया हो। तमाम बातचीत के रिकार्ड भी देखे जा रहे हैं।




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