माफी से काम नहीं चलेगा...; भाटी को लेकर भाजपा नेताओं के बाद अजय राय भी सपा पर हमलावर
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है। भाजपा के बाद सहयोगी कांग्रेस भी सपा पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे निंदनीय बताते हुए अखिलेश यादव से कार्रवाई की मांग की है।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज के लिए की गई टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारे में भूचाल ला दिया है। भाजपा के तीखे हमलों के बीच अब सपा की सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इसे पूरे समाज का अपमान बताते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव से बड़बोले नेताओं पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। यहां तक कहा कि केवल माफी से काम नहीं चलेगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए सपा प्रवक्ता के बयान की घोर निंदा की। उन्होंने कहा, "राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज के लिए इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा घोर निंदनीय है। राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पूरे समाज को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है।" अजय राय ने अखिलेश यादव को टैग करते हुए स्पष्ट कहा कि इस मामले में केवल माफी से काम नहीं चलेगा, बल्कि पार्टी को ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
सपा का घृणित चिंतन फिर उजागर हुआ: ब्रजेश पाठक
इससे पहले यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सपा का असली चरित्र और घृणित चिंतन एक बार फिर प्रदेश की जनता के सामने आ गया है। पाठक ने कहा कि जिस ब्राह्मण समाज ने देश को ज्ञान, संस्कृति और संविधान की दिशा दी, उसके प्रति ऐसी भाषा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सपा की समाज को बांटने वाली मानसिकता को दर्शाता है।
पुराने विवादों की दिलाई याद
डिप्टी सीएम ने सपा के पुराने विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे आजम खान का 'भारत माता' पर बयान हो, स्वामी प्रसाद मौर्य का रामचरितमानस का अपमान हो या फिर सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणी, सपा लगातार सनातन और सामाजिक समरसता पर हमला करती रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राजकुमार भाटी का बयान सपा का आधिकारिक चिंतन है? यदि नहीं, तो अखिलेश यादव को तत्काल उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।
ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश
ब्राह्मणों के प्रति की गई इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक विरोध के सुर तेज हो गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी सपा के लिए उसके अपने ही प्रवक्ता का यह बयान भारी पड़ सकता है, क्योंकि इससे भाजपा को 'जातीय विद्वेष' और 'हिंदू विरोधी' होने के आरोपों को हवा देने का मौका मिल गया है।




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