योगी कैबिनेट विस्तार के बाद UP BJP की बारी, पंकज चौधरी की कमेटी में क्या तैयारी?
योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन को दुरुस्त करने की तैयारी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी युवाओं के जोश और पुराने नेताओं के अनुभव का मिश्रण तैयार कर रही है।

योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब प्रदेश भाजपा संगठन की बारी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम भी अब जल्द घोषित हो जाएगी। प्रदेश संगठन में करीब 60 फीसदी नये चेहरे नजर आएंगे यानि आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नई टीम में युवाओं के साथ अनुभव का भी समावेश दिखेगा। कुछ अनुभवी चेहरे रिपीट होंगे। कुछ का प्रमोशन होने की संभावना है। मंत्रिमंडल के बाद अब संगठन के जरिए पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधेगी।
बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली जीत से भाजपा उत्साहित है। इन नतीजों के बाद पार्टी ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनाव निकट होने के चलते भाजपा कोई बहुत बड़ा प्रयोग नहीं करना चाहती। इसकी बानगी मंत्रिमंडल में खाली पदों को भरकर पेश की जा चुकी है। इसका असर प्रदेश टीम पर भी दिखेगा। पूरी टीम नहीं बदलेगी। नये लोग टीम पंकज चौधरी का हिस्सा तो बनेंगे मगर कुछ अनुभवी चेहरों को भी समायोजित किया जाएगा ताकि चुनावी तैयारी और पार्टी के अभियान-कार्यक्रम प्रभावित न हों।
कइयों को सिफारिशी डोर का सहारा
सूत्रों का यह भी कहना है कि नई टीम में 60 और 40 का समावेश देखने को मिल सकता है यानि 55 से 60 फीसदी नये चेहरों के साथ 40-45 प्रतिशत पुराने लोगों का समावेश। इसमें कुछ लोग वाकई अपने काम के बल पर रिपीट होंगे, जबकि कुछ की नैया तिकड़मों और सिफारिशों की डोर के सहारे पार होगी। कुछ पदाधिकारी तो ऐसे हैं, जो बिना काम के ही लगातार महत्वपूर्ण भूमिका में बने हुए हैं।
उधर, नई टीम में शामिल होने को तमाम नेता एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। कोई किसी दरबार में हाजिरी लगा रहा है तो कोई कहीं माथा टेक रहा है। कुछ क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ ही पार्टी के मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, प्रदेश मीडिया विभाग के कई चेहरे प्रदेश टीम का हिस्सा बनने को लगातार प्रयासरत हैं। किसकी भागदौड़ और गुणा-गणित काम आए, यह जल्द पता चल जाएगा।
बदलेंगे सारे क्षेत्रीय अध्यक्ष
प्रदेश टीम के साथ ही क्षेत्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने की तैयारी है। एक ओर नये दावेदार अपनी गोटियां सेट करने की जुगत भिड़ा रहे हैं तो दूसरी ओर कई मौजूदा चेहरे भी दिन-रात कुर्सी बचाने को प्रयासरत हैं। हाजिरी में जुटे हैं। क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन में भी सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दी जा रही है।




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