लापरवाही! युवती कराहती रही डॉक्टर आराम करते रहे, फार्मासिस्ट ने कर दिया इलाज
यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में लापरवाह सिस्टम की एक तस्वीर मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार सुबह सामने आई है। यहां पेट दर्द से कराह रही युवती के परिजन इलाज के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन डॉक्टर- फार्मासिस्ट कमरे में आराम फरमाते रहे।

यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में लापरवाह सिस्टम की एक तस्वीर मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार सुबह सामने आई है। यहां पेट दर्द से कराह रही युवती के परिजन इलाज के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन डॉक्टर- फार्मासिस्ट कमरे में आराम फरमाते रहे। बाद में फार्मासिस्ट ने खुद को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू कर दिया। इसकी जानकारी होने पर विरोध में परिजनों ने हंगामा किया और सीएचसी अधीक्षक से शिकायत की।
सीएचसी अधीक्षक ने फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण मांगते हुए वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं। सीएमओ को रिपोर्ट भेजकर फार्मासिस्ट का ट्रांसफर करने की संस्तुति की है। डॉक्टर पर कार्रवाई न होने से नाराज छात्रा की मां नितिका ने बताया कि वे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलकर सीधी शिकायत करेंगी। परिजनों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिवाकर भारद्वाज को फोटो खींचकर भेजी, तब पता चला कि इलाज करने वाला शख्स फार्मासिस्ट है। अधीक्षक के फोन के बाद डॉक्टर साहब कमरे से बाहर तो निकले, लेकिन परिजनों से समस्या पूछकर फार्मासिस्ट से दोबारा इंजेक्शन लगाने को कहा और फिर आराम करने चले गए। परिजनों ने फोटो समेत उनकी हरकत सोशल मीडिया में वायरल कर दी।
सीएचसी अधीक्षक ने जानकारी होते ही सख्त कदम उठाते हुए फार्मासिस्ट विवेक शर्मा का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमओ को रिपोर्ट भेजकर उसके ट्रांसफर की सिफारिश की है। अधीक्षक के मुताबिक, इस फार्मासिस्ट की पहले भी शिकायतें आ चुकी थीं। उसे चेतावनी दी गई थी पर सुधार नहीं हुआ है। मामले में आगे की जांच की जा रही है। विवेक शर्मा का वेतर रोका गया है। परिजनों ने डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की है।
कराह रही थी युवती, सो रहा था पूरा स्टाफ
मोहनलालगंज निवासी तान्या द्विवेदी को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत पर परिजन सुबह 6 बजे सीएचसी लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टर से लेकर पूरा स्टाफ सो रहा था। परिजनों के जगाने पर ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट विवेक शर्मा ने खुद को डॉक्टर बताते हुए इलाज शुरू कर दिया। शक होने पर परिजनों ने टोकना चाहा, लेकिन वह खुद को डॉक्टर ही बताता रहा। इसके बाद भी वो रुका नहीं और युवती का इलाज किया। परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने उसकी फोटो खींचकर सीएचसी अधीक्षक को दी। इसी के बाद उसके फार्मासिस्ट होने का खुलासा हुआ। इसके बाद परिजनों ने विरोध में हंगामा किया। आरोप है कि डॉक्टरों ने भी उसी फार्मासिस्ट को आगे इलाज करने की हिदायत देते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया और खुद आराम फरमाते रहे।




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