NIA के डिप्टी एसपी की सड़क हादसे में मौत, दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर कंटेनर में घुसी थी तेज रफ्तार बाइक
दिल्ली-लखनऊ हाइवे पर शुक्रवार देर रात हुए सड़क हादसे में बाइक सवार एनआईए के डिप्टी एसपी की मौत हो गई। जबकि उसके साथ मौजूद महिला घायल हो गई। दुर्घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार बाइक आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई।

UP News: यूपी के मुरादाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां कटघर थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार देर रात हुए सड़क हादसे में बाइक सवार एनआईए के डिप्टी एसपी की मौत हो गई। जबकि उसके साथ मौजूद महिला घायल हो गई। दुर्घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार बाइक आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई।
पुलिस के अनुसार पंजाब के मोहाली के रहने वाले NIA के डिप्टी एसपी 32 साल के ईशान मेहरा अपनी महिला मित्र पूनम के साथ बाइक से दिल्ली से बाजपुर की ओर जा रहे थे। रात करीब साढ़े 11 बजे उनकी बाइक कटघर थाना क्षेत्र के देवापुर गांव के सामने हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान आगे चल रहे कंटेनर में बाइक पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
जहां डॉक्टरों ने ईशान मेहरा को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल पूनम का उपचार जारी है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मृतक ईशान मेहरा दिल्ली एनआईए ऑफिस में डिप्टी एसपी पद पर कार्यरत थे। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद परिजन शव अपने साथ ले गए। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर एक महीने में 15 हादसे, छह की मौत
उधर, मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को शुरू हुए 29 मई को एक महीना पूरा हो गया, लेकिन तेज और सुरक्षित सफर अब हादसों का रिकॉर्ड बना रहा है। महज 30 दिनों के भीतर इन दोनों जिलों की सीमा में 15 से अधिक बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए। एक्सप्रेस-वे पर लगातार होते इन हादसों ने सुरक्षा दावों और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को हरदोई से गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ किया था। दावा किया गया था कि अत्याधुनिक तकनीक, कैमरे, सेंसर और बेहतर निगरानी व्यवस्था से लैस यह एक्सप्रेसवे सफर को सुरक्षित बनाएगा। लेकिन उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही हादसों का सिलसिला शुरू हो गया। संभल जिले में एक महीने के भीतर नौ बड़े हादसे सामने आए। इनमें छह लोगों की मौत हुई और 19 लोग घायल हुए। वहीं अमरोहा जिले के हिस्से में छह से अधिक हादसे हुए, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।




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