यूपी किडनी कांड: 85 मिनट में निकाली, 265 मिनट में लगाई; डोनर-रिसीवर के ऑपरेशन में लगा इतना वक्त
एमबीए स्टूडेंट आयूष कुमार की किडनी मुफ्फरनगर की पारुल को लगाई गई। ऑपरेशन के दूसरे दिन पारुल को प्रिया हास्पिटल के ICU जबकि आयूष को मेडलाइफ अस्पताल भेजा गया था। पुलिस को इस ऑपरेशन की जानकारी मिली तो कार्रवाई करते हुए अब तक नौ लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

UP News: किडनी कांड में सर्विलांस एनालिसिस और सीसीटीवी कैमरों की जांच से बड़ा खुलासा हुआ है। आहूजा अस्पताल में किडनी डोनर आयूष कुमार और रिसीवर पारुल तोमर के ऑपरेशन में कुल पांच घंटे 50 मिनट लगे। ऑपरेशन करने वाले ओटी मैनेजर और टेक्नीशियनों की टीम इतनी पारंगत थी कि 85 मिनट में आयुष की किडनी निकाल ली और 265 मिनट में पारुल को लगा दी। इस दौरान सभी के फोन एयरोप्लेन मोड पर थे और लेकिन वाईफाई से यूज व्हाट्सऐप ऑन था। आहूजा अस्पताल में मौजूद डॉ. रोहित समेत उसके आठ सदस्यों की टीम की सीडीआर और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्य पुलिस को मिल गए हैं।
रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। बिहार के बेगूसराय निवासी एमबीए छात्र आयूष कुमार की किडनी मुफ्फरनगर की पारुल को लगाई गई। ऑपरेशन के दूसरे दिन पारुल को प्रिया हास्पिटल के आईसीयू, जबकि आयूष को मेडलाइफ अस्पताल भेजा गया था। पुलिस को इस ऑपरेशन की जानकारी मिली तो कार्रवाई करते हुए अब तक नौ लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें आहूजा अस्पताल की संचालक डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति सुरजीत सिंह आहूजा, एजेंट शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा, प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह, गाजियाबाद के एक अस्पताल में ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव और डॉ. अफजल का ड्राइवर परवेज सैफी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि आहूजा अस्पताल में रात नौ बजे ऑपरेशन शुरू हुआ जो देर रात 2:50 बजे तक चला। पहले 85 मिनट में आयूष, जबकि अगले 265 मिनट में पारुल का ऑपरेशन हुआ। इस ऑपरेशन में डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और मुद्स्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली, डॉ. वैभव मुद्गल, डॉ. अनुराग उर्फ अमित, जेल भेजे गए ओटी विशेषज्ञ राजेश, कुलदीप और शिवम मौजूद था। सीडीआर में इन सभी की लोकेशन आहूजा अस्पताल में मिली है। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि जांच चल रही है। इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
25 हजार घोषित हो चुका इनाम
कमिश्नरेट पुलिस किडनी कांड के मास्टरमाइंड बताए जा रहे डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और अली को फरार घोषित करते हुए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है। इसके बाद आरोपियों के गृह जनपद के साथ ही मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा में इनकी तलाश तेज कर दी गई है। फरार डॉक्टरों के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है।




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