UP Kanpur ITBP Soldier Mother Severed Hand not Treated GSVM medical college to return it back आईबीटीपी जवान की मां का कटा हाथ विभागों के लिए बना मुसीबत, अब वापस लौटाएगा मेडिकल कॉलेज, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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आईबीटीपी जवान की मां का कटा हाथ विभागों के लिए बना मुसीबत, अब वापस लौटाएगा मेडिकल कॉलेज

जिस डिब्बे में हाथ है, उसकी सील को कॉलेज ने खुद खाेलने से पहले ही इनकार कर दिया है। इसके लिए शिकायतकर्ता जवान की मौजूदगी और छह सदस्यों वाली कमेटी के गठन की मांग हो चुकी है। प्राचार्य ने सोमवार को इस संबंध में डीएम को पत्र लिखा।

Fri, 5 June 2026 08:28 AMSrishti Kunj प्रमुख संवाददाता, कानपुर
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आईबीटीपी जवान की मां का कटा हाथ विभागों के लिए बना मुसीबत, अब वापस लौटाएगा मेडिकल कॉलेज

आईबीटीपी जवान की मां का कटा हाथ सरकारी विभागों की गले की फांस बन चुका है। यूपी के कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज की ओर से डीएम को कमेटी गठित करने की सिफारिश पर कोई अमल नहीं हुआ। तीन दिन बीतने के बाद कमेटी गठित नहीं होने से कॉलेज प्रबंधन हैरान है। अब सीएमओ को हाथ वापस करने की तैयारी है। आईबीटीपी जवान की मां का कटा हाथ मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में रखा है। जांच से पहले प्राचार्य डॉ संजय काला ने छह सदस्यीय कमेटी बनाने के लिए डीएम को पत्र सोमवार को भेजा था।

कहा गया कि शिकायतकर्ता और कमेटी जिसमें प्रशासन, न्यायिक, पुलिस, सीएमओ व दो कॉलेज के प्रोफेसर के सामने ही सील बंद डिब्बे से हाथ निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर हाथ की हालत काफी खराब व टिश्यू नष्ट होंगे तो कॉलेज जांच नहीं करेगा। हालांकि पत्र भेजते समय प्राचार्य ने कॉलेज की ओर से कमेटी में शामिल करने के लिए पैथोलॉजी विभाग के डॉ रोहित व डा प्रिया सचान को शामिल किया था।

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गुरुवार शाम तक कमेटी गठन की सूचना मेडिकल कॉलेज व सीएमओ को भी नहीं थी। इस पर पैथोलॉजी विभाग की डॉ लुबना खान का कहना है कि अबतक कमेटी के गठन की कोई सूचना नहीं है। इसलिए अब सीएमओ को हाथ वापस करने की प्रक्रिया अपनाएंगे। वहीं इस मामले में डीएम से संपर्क किया गया पर उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ।

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लिखकर दें तो लखनऊ भेज देंगे हाथ

सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी का कहना है कि कटे हाथ की जांच को लेकर मचा बवाल बेवजह है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन अगर लिखकर दे कि हिस्टोपैथोलॉजी जांच वह नहीं कर सकते हैं तो वह कटे हाथ को लखनऊ भेज देंगे। उन्होंने फॉरेंसिक हिस्टोपैथोलॉजी जांच की बात को खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ हिस्टोपैथोलॉजी जांच की बात कही गई है। नियमों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज को ही इसकी जांच करनी है। वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दो दिन में प्रकरण के निस्तारण करने का समय देने पर सीएमओ का दावा है कि मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है।

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कटे हाथ की जांच को बनानी पड़ेंगी 10 हजार स्लाइड

आईटीबीपी के जवान की मां का कटा हाथ जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में रखा है। कटे हाथ की जांच से पहले कॉलेज प्रबंधन के सामने तमाम चुनौतियां हैं। वहीं प्राचार्य डॉ संजय काला का स्पष्ट तौर पर कहना है कि लंबे समय तक डिब्बे में बंद रहने के कारण हाथ के ऊतक (टिश्यू) खराब या सड़ चुके होंगे तो कॉलेज किसी भी स्थिति में जांच नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हमें अबतक यह नहीं बताया गया कि हाथ के किस हिस्से की सामान्य हिस्टोपैथोलॉजी जांच होनी है, क्योंकि पूरे हाथ की जांच करने पर 10 हजार स्लाइड लगानी होगी, जोकि यह संभव नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह भी पता लगाना जरूरी है कि कटा हाथ वास्तव में जवान की मां का ही है।

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